‘चालो रे चालो… रामदेवरे चाला… दरबार’

बाबा रामदेव के भक्तों का जत्था साइकिल से रवाना

* विनोद कलंत्री, दीपक साहू सम्राट, अशोक मूंधडा ने दिखाई हरी झंडी
अमरावती/दि.27- प्रभात चौक के प्राचीन रामदेव बाबा मंदिर के पुन: निर्माण की अर्जी लेकर पिछले 19 वर्षों से अमरावती से रामदेवरा 1300 किमी की कठिन साइकिल यात्रा करने वाले पूनमचंद पंचारिया के नेतृत्व में 19 साइकिल जातरु बुधवार 26 अगस्त को शुभ प्रस्थान किया, तो नगरसेवक दीपक साहू सम्राट, चेंबर के अध्यक्ष विनोद कलंत्री, सुनील सुशील गांधी, अशोक मूंधडा, सत्यनारायण खंडेलवाल आदि ने हरी झंडी दिखाई. उससे पूर्व प्राचीन मंदिर की सबेरे की ज्योत आरती हुई. सभी साइकिल जातरु और बाबा रामदेव भक्तों ने जोशपूर्ण जयकारे लगाए. उसी प्रकार महिलाओं ने भजन गाकर और थिरककर आनंद व्यक्त किया.
पूनमचंद पंचारिया ने बताया कि, उनके संग मुरलीधर पंचारिया, देवेंद्र सूर्यवंशी, ललित सूर्यवंशी, करण उपाध्याय, लोकेश उपाध्याय, सुभाष जावरकर, प्रज्वल बोरकर, स्वप्निल गट्टानी, सुनील धिकार, रितेश जोशी, प्रफुल्ल साउरकर, ओम मिश्रा, विशाल पाठक, सागर चौधरी, योगेश शिंदे, प्रणित खंडाते, करण शेंडे और धामणगांव रेलवे से 6 जातरु रामदेवरा जा रहे हैं. उन्होंने इस वर्ष गौ सेवा राष्ट्र सेवा का घोष भी अपनी साइकिल जातरा में जोडा है. किंतु उनकी मुख्य मांग प्राचीन मंदिर के नवनिर्माण की कायम है. इस मंदिर के लिए ट्रस्टियों ने डेढ करोड रुपए निर्माण निधि जमा करने का दावा भी साइकिल जातरु पंचारिया ने किया. उनका जोशपूर्ण उद्बोधन उपस्थित बाबा भक्तों को रोमांचित कर गया था. मंदिर का पुन: निर्माण कार्य गत 8-10 माह से बंद पडा है. इस ओर पूनम पंचारिया ने ध्यान खींचा. मंदिर नवनिर्माण का भूमिपूजन राम मंदिर ट्रस्ट अयोध्या के कोषाध्यक्ष प.पू. गोविंद देव गिरि जी के करकमलों द्वारा जनवरी 2023 में किया गया था. जय बाबारी मित्र परिवार और महिला परिवार और बाबा के डायहार्ड बाबा भक्त की जोशपूर्ण उपस्थिति रही. जमकर ध्वजा लहराई गई. साइकिल जातरुओं के गले में बाबारी के दुपट्टे डालकर और फूलमालाओं से स्वागत कर उत्साहपूर्ण बिदाई दी गई. अमरावती से परतवाडा, धारणी, खंडवा, ओंकारेश्वर, महेश्वर, जावरा, मंदसौर, नीमच, निंबाहेडा, सांवरिया सेठ, फतेह नगर, श्रीनाथद्वारा, चारभूजानाथ, पाली, जोधपुर, पोकरण, देचू से रामदेवरा पहुंचेंगे. अगले माह रामदेवरा में भादवा मेला होने से देशभर से भाविक मिले उस साधन से वहां पहुंचते हैं.
साइकिल जातरुओं को बिदाई देने बडे उत्साह से पहुंचने वालों में अमित गोयल, सचिन साहू, संजय गुप्ता, राजेश चांडक, गणेश अग्रवाल, कन्हैयालाल गोयल, श्रीकिसन व्यास, श्यामसुंदर जोशी, लक्ष्मीकांत खंडेलवाल, राधा कृष्ण लड्डा, जसराज उपाध्याय, बाबूलाल चौधरी, जुगल लड्ढा, बजरंग गोयल, संजय अग्रवाल, जुगल किशोर रामावत, विक्की गुप्ता, नीलेश मोहकर, लोकेश गुप्ता, राजेश कश्यप, शंकर व्यास, सागर व्यास, कार्तिक व्यास, राजेश श्रीवास, उदय कलंत्री, प्रकाश लाला श्रीमाली, प्रमोद बंब, सोहन वैष्णव, सागर गुप्ता, हरीश सेन, कैलाश जोशी, राजेश चंगानी, दुर्गा शंकर शर्मा, श्रीकृष्ण व्यास, कन्हैया लाल गोयल, गौरव चोपड़ा, पुरुषोत्तम राठी, चोपड़ा राकेश श्रॉफ, कृष्ण डागा, कृष्णा झंवर, विनोद डागा, पदम देवड़ा, अल्पना गुप्ता, सुनीता र. वर्मा, छाया यादव, पूजा वर्मा, मनोरमा अग्रवाल, सपना गुप्ता, सोनल पंचारिया, लनिनी पाटिल, जयश्री रामावत, सुरभि गुप्ता, सुनीता गो वर्मा, किरण लड्ढा, सुनीता लोने, सरला चौबे, लक्ष्मी गुप्ता, शारदा साहू का समावेश रहा. प्राचीन मंदिर में निर्माण कार्य रुका पडा है. ऐसे में भूमि को समतल करने में विक्की गुप्ता डेकोरेशन का बडा योगदान रहा. अत: उनका भी दुपट्टा ओढाकर स्वागत किया गया. विक्की ने बरसते पानी में खडे रहकर अपनी सेवाएं दी. वे प्राचीन मंदिर में बहुतेरे आयोजनों में तत्पर रहते आए हैं.

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