धामणगांव में 45 ट्रकों की ओवरलोड आवाजाही

जिलाधिकारी के आदेश को ठेंगा

* प्रतिबंधित मार्ग से 100 से अधिक फेरे; प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
* ब्ल्यू डायमंड ट्रांसपोर्ट कंपनी की मनमानी से स्कूली विद्यार्थियों और राहगीरों की सुरक्षा पर सवाल
धामणगांव रेलवे/दि.31- शहर में बढ़ती यातायात समस्या, दुर्घटनाओं के खतरे और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी एवं जिलादंडाधिकारी आशीष येरेकर ने 4 अगस्त को शहर में भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने संबंधी अधिसूचना जारी की थी. इसके बावजूद शुक्रवार 28 अगस्त को यवतमाल की ब्ल्यू डायमंड ट्रांसपोर्ट कंपनी के करीब 45 निजी ट्रकों द्वारा प्रतिबंधित मार्ग से ओवरलोड माल परिवहन किए जाने का मामला सामने आया है.
जानकारी के मुताबिक धामणगांव रेलवे मालधक्के पर पहुंची 42 डिब्बों की रेलवे रैक में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) का गेहूं उतारकर पुराने धामणगांव क्षेत्र स्थित वखार महामंडल के गोदाम तक पहुंचाने के लिए इन ट्रकों का इस्तेमाल किया गया. बताया जा रहा है कि इन ट्रकों ने दिनभर स्कूल परिसर और मुख्य बाजार क्षेत्र से होकर 100 से अधिक फेरे लगाए.

* प्रतिबंधित मार्ग से दौड़ते रहे ट्रक
जिलाधिकारी की अधिसूचना के अनुसार चांदूर रेलवे और तिवसा रोड से शहर होकर यवतमाल की ओर जाने वाले ट्रक, डंपर और अन्य भारी वाहनों को मंगरूल टी-पॉइंट-नारगांवंडी बायपास मार्ग से जाने के निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा शास्त्री चौक से सेफला हाईस्कूल तक मुख्य बाजार और स्कूल क्षेत्र में सुबह 8 से रात 8 बजे तक एसटी बसों को छोड़कर अन्य भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है. इसके बावजूद ब्ल्यू डायमंड ट्रांसपोर्ट कंपनी के ट्रकों के इसी प्रतिबंधित मार्ग से गुजरने की बात सामने आने से प्रशासनिक आदेशों के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े हो गए हैं.

* अनुमति और माल की वैधता पर भी सवाल
सार्वजनिक वितरण प्रणाली से संबंधित परिवहन को आवश्यक सेवा मानते हुए नागरिकों को परेशानी न हो, इसलिए जिलाधिकारी ने 3 अगस्त को नियम एवं शर्तों के अधीन ऐसी वाहनों को अनुमति दी थी. इसके बाद 4 अगस्त को शहर में भारी वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने वाली अधिसूचना जारी की गई. बताया जा रहा है कि संबंधित निजी ट्रक बिना किसी स्वतंत्र अनुमति के प्रतिबंधित मार्ग से वखार महामंडल के गोदाम तक जा रहे थे. साथ ही इन ट्रकों में परिवहन किया जा रहा गेहूं सार्वजनिक वितरण प्रणाली का नहीं होने की जानकारी भी सामने आ रही है. ऐसे में परिवहन की वैधता, आवश्यक अनुमति, माल के दस्तावेज और ट्रकों में लदे माल के वजन की जांच जरूरी हो गई है.

* विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर चिंता
42 डिब्बों की रेलवे रैक का माल 45 ट्रकों में उतारकर क्षमता से अधिक माल की ढुलाई और प्रतिबंधित मार्ग से 100 से अधिक फेरे लगाए जाने से स्कूली विद्यार्थियों, पैदल यात्रियों और वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. जिलाधिकारी का आदेश लागू होने के बावजूद शहर के व्यस्त मार्गों पर इतने बड़े पैमाने पर भारी वाहनों की आवाजाही जारी रहने से प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं.

* कार्रवाई का इंतजार
भारी वाहनों से संबंधित नियमों का उल्लंघन करने पर मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 के तहत कार्रवाई का प्रावधान है. ऐसे में संबंधित ट्रकों का वजन, परमिट, परिवहन मार्ग, माल के दस्तावेज और प्रतिबंधित मार्ग से आवाजाही की अनुमति थी या नहीं, इसकी गहन जांच की मांग की जा रही है. अब इस मामले में जिला प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग की ओर से संबंधित कंपनी और वाहन चालकों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर धामणगांव के नागरिकों की नजरें टिकी हैं.

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