गौरी-हर्षा की मौत से ट्राफिक पुलिस ने नहीं लिया सबक

शहर में नो एंट्री का धडल्ले से हो रहा उल्लंघन

* रेत, गिट्टी, बोल्डर लदे ट्रक बेधडक दौड रहे सडकों पर
अमरावती/दि.2– कुछ दिन पहले ही स्थानीय राजापेठ रेल्वे उडानपुल पर बिना नंबर वाले गिट्टी-बोल्डर लदे तेज रफ्तार ट्रक ने गौरी व हर्षा नामक युवती व महिला को बुरी तरह कुचल दिया था. जिसके चलते उन दोनों की दर्दनाक मौत हो गई थी. उक्त हादसा घटित होते ही शहर पुलिस हडबडाकर निंद से जागी थी और नो एंट्री के नियमों पर कडाई से अंमल करने हेतु नई अधिसूचना जारी की गई थी. लेकिन एक माह के भीतर यह सारी उठापठक कागजी खानापूर्ति साबित हो रही है. क्योंकि शहर में आज भी ऐसे कई रेती, गिट्टी व बोल्डर लदे ट्रक किसी भी समय बेधडक सडकों पर दौडते नजर आ रहे है. जिसका सीधा मतलब है कि, राजापेठ फ्लायओवर पर हुए हादसे तथा गौरी व हर्षा की मौत से यातायात विभाग एवं शहर पुलिस द्वारा कोई सबक नहीं लिया गया. यहीं वजह है कि, नो एंट्री लागू रहने के बावजूद शहर में नो एंट्री के नियमों का धडल्ले के साथ उल्लंघन होता नजर आ रहा है.
शहर के अलग-अलग क्षेत्रों का मुआयना करने पर पता चलता है कि, शहर के लगभग सभी प्रमुख मार्गों पर सुबह 7 बजे से ही रेती, गिट्टी भरे ट्रकों व टिप्परों की आवाजाही शुरू हो जाती है और अलग-अलग जगहों पर निर्माण कार्य के लिए ऐसे ट्रकों व टिप्परों से रेती, गिट्टी व बोल्डर पहुंचाए जाते है. लगभग इसी समय स्कूल व कोचिंग क्लास जाने के लिए बडी संख्या में विद्यार्थी अपने घरों से बाहर निकलते है. जिसके चलते सुबह 7 बजे से शहर के लगभग सभी क्षेत्रों की सडकों पर विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों की आवाजाही शुरू हो जाती है. ऐसे समय शहर के सडकों पर तेज रफ्तार भारी वाहनों की आवाजाही भी शुरू रहने से खतरनाक स्थिती कहा जा सकता है.
सबसे खास बात यह है कि, इतनी सुबह शहर की सडकों पर कहीं किसी यातायात कर्मी की मौजुदगी भी नहीं रहती. जिसके चलते रेती, गिट्टी व बोल्डर लदे ट्रक मनमाने तरीके से शहर की सडकों पर फर्राटा भरते है. इसकी वजह से कभी भी कोई बडा सडक हादसा घटित होने की संभावना बनी रहती है. जानकारी के मुताबिक, यशोदानगर, साईनगर, बडनेरा टी पॉईंट, भातकुली, वलगांव, चांदूर रेलवे, मासोद व पंचवटी चौक की ओर से सुबह के वक्त रेती, गिट्टी व बोल्डर लदे ट्रकों का शहर में प्रवेश होता है. जो शहर में अलग-अलग स्थानों पर चल रहे निर्माण कार्यों वाले स्थलों पर माल उतारते है और फिर बिना किसी रोकटोक के वापिस भी चले जाते है. चुंकि इस समय यातायात पुलिस की कोई सक्रियता नहीं रहती और ट्रकों के वापिस लौट जाने के बाद शहर के चौकचौराहों पर यातायात पुलिस कर्मियों की ड्यूटी शुरू होती है. जिसके चलते सुबह के वक्त नो एंट्री में रेती, गिट्टी लदे ट्रक व टिप्पर जैसे भारी वाहनों पर कोई प्रभावी कार्रवाई होती दिखाई नहीं दे रही.

* राजापेठ हादसे के जिम्मेदारों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं
यहां यह विशेष उल्लेखनिय है कि, राजापेठ सडक हादसे में गौरी व हर्षा को कुचलनेवाला ट्रक दिनदहाडे नो एंट्री का उल्लंघन कर शहर की सीमा में दाखिल हुआ था. जिस पर कोई नंबर प्लेट नहीं थी और उस ट्रक का फिटनेस प्रमाणपत्र भी खत्म हुआ था. जिसके चलते पुलिस आयुक्त राकेश ओला ने पुलिस उपायुक्त प्रांजली सोनावने को मामले की जांच के आदेश देते हुए शहर यातायात पुलिस के अधिकारियों व कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने के आदेश दिए थे. जानकारी के मुताबिक, डीसीपी प्रांजली सोनावने ने करीब 8 दिन पहले ही अपनी रिपोर्ट सीपी राकेश ओला के सुपूर्द कर दी गई है. लेकिन अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है. जिसके चलते जांच रिपोर्ट पर सवालिया निशान उत्पन्न हुए है.

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