10 पंचायत समितियों में दो-दो और 4 में एक-एक नामित सदस्य होंगे

ग्रामीण विकास विभाग ने जारी किया नोटिफिकेशन; कड़े मानदंडों के चलते इच्छुक उम्मीदवारों की बढ़ी मुश्किलें

अमरावती/दि.2– पंचायत समिति के सदन में नामित सदस्यों की नियुक्ति को लेकर ग्रामीण विकास विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है. इसके तहत जिले की 14 पंचायत समितियों में से 10 में दो-दो तथा चार पंचायत समितियों में एक-एक नामित सदस्य नियुक्त किए जाने की संभावना है. हालांकि, पंचायत समिति चुनाव और आरक्षण को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है, ऐसे में नामित सदस्यों की नियुक्ति को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है.

* चुने हुए सदस्यों की संख्या के आधार पर होगा निर्धारण
सरकार के नए नियमों के अनुसार पंचायत समिति में नामित सदस्यों की संख्या सदन के कुल निर्वाचित सदस्यों की 20 प्रतिशत या कम से कम एक सदस्य, जो भी अधिक हो, के आधार पर तय की जाएगी. ‘महाराष्ट्र पंचायत समिति नियम, 2026’ के नियम 3 के अनुसार पंचायत समिति के लिए नामित सदस्यों की संख्या निर्धारित करने का अधिकार जिला कलेक्टर को दिया गया है.

* किस पंचायत समिति में कितने सदस्य?
अमरावती जिले की पंचायत समितियों में संभावित नामित सदस्यों की संख्या धामणगांव रेलवे – 2, चांदूर रेलवे – 1, नांदगांव खंडेश्वर – 2, दर्यापुर – 2, भातकुली – 1, अमरावती – 2, तिवसा – 1, वरुड – 2, मोर्शी – 2, चांदूर बाजार – 2, अचलपुर – 2, अंजनगांव सुर्जी – 1, चिखलदरा – 2 और धारणी पंचायत समिति में 2 इस तरह 10 पंचायत समितियों में दो-दो और चार पंचायत समितियों में एक-एक नामित सदस्य होने की संभावना है.

* राजनीतिक दलों की ताकत के आधार पर बंटेंगी सीटें
अधिसूचना के अनुसार नामित सदस्यों की सीटों का आवंटन संबंधित पंचायत समिति अथवा जिला परिषद में राजनीतिक दलों या गठबंधनों की सदस्य संख्या और ताकत के आधार पर किया जाएगा. अधिक सदस्यों वाली पार्टी या गठबंधन को प्राथमिकता देते हुए घटते क्रम में सीटों का बंटवारा किया जाएगा.

* चुनाव से पहले नियुक्ति की जल्दबाजी पर सवाल
पंचायत समिति के चुनाव कब होंगे, इसे लेकर अभी कोई निश्चितता नहीं है. वहीं आरक्षण की प्रक्रिया भी स्पष्ट नहीं हुई है. ऐसे में सरकार द्वारा नामित सदस्यों की संख्या तय करने के लिए अधिसूचना जारी किए जाने से राजनीतिक गलियारों में सवाल उठ रहे हैं. दूसरी ओर, कड़े पात्रता मानदंडों के कारण इच्छुक उम्मीदवारों के सामने भी मुश्किलें बढ़ने की संभावना है. नए नियमों के तहत नामित सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ती है और किन राजनीतिक दलों को कितनी सीटें मिलती हैं, इस पर अब सभी की नजरें टिकी हैं.

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