11 वर्षीय बालक के अपहरण की कोशिश?
चाकू दिखाकर ऑटो में ले जाने का आरोप

* रफ्तार धीमी होते ही चलते ऑटो से कूदकर बचा बालक
नागपुर/दि.7- नागपुर के एमआईडीसी पुलिस थाना क्षेत्र में 11 वर्षीय बालक को चाकू का डर दिखाकर ऑटो से अगवा करने की कोशिश किए जाने का कथित मामला सामने आया है. बालक ने साहस दिखाते हुए ऑटो की रफ्तार कम होते ही चलते वाहन से छलांग लगा दी और दौड़कर सीधे क्रिकेट क्लब पहुंच गया. वहां उसने प्रशिक्षक को पूरी घटना की जानकारी दी. मामले में एमआईडीसी पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
इस मामले में इसासनी निवासी प्रफुल्ल पुरुषोत्तम सांचेेला (40) ने 5 सितंबर को एमआईडीसी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई. उनका 11 वर्षीय बेटा पिछले करीब डेढ़ वर्ष से प्रियदर्शिनी कॉलेज परिसर स्थित जेसीपीई प्रो क्रिकेट क्लब में क्रिकेट का प्रशिक्षण ले रहा है. बताया गया कि बालक रोजाना दोपहर करीब 4 बजे घर के पास से ऑटो में अकेले बैठकर क्रिकेट अभ्यास के लिए जाता था. 5 सितंबर को भी बालक क्रिकेट क्लब जाने के लिए घर के पास से काली-पीली ऑटो में सवार हुआ. उसके अनुसार, ऑटो में चालक के अलावा एक अन्य व्यक्ति भी मौजूद था. चालक ने दुपट्टे से चेहरा ढक रखा था, जबकि उसके साथी ने मास्क पहन रखा था. चालक ने खाकी रंग की वर्दी जैसी पोशाक पहनी हुई थी. बालक के मुताबिक, कुछ दूरी तय करने के बाद ऑटो में बैठे दूसरे व्यक्ति ने उसे चाकू दिखाकर धमकाया. बालक ने परिवार को बताया कि उसने घटना का विरोध करते हुए शोर मचाने की कोशिश की, लेकिन उसका मुंह दबाने का भी प्रयास किया गया. इसी दौरान ऑटो को रानी तालाब की दिशा में मोड़े जाने की बात बालक ने बताई.
बालक के अनुसार, रास्ते में सड़क पर मौजूद एक व्यक्ति द्वारा चिल्लाने के बाद ऑटो चालक ने वाहन की रफ्तार कम कर दी. यही मौका बालक के लिए बच निकलने का कारण बना. घबराए बालक ने बिना देर किए चलते ऑटो से छलांग लगा दी और वहां से दौड़ते हुए सीधे क्रिकेट क्लब पहुंच गया. क्लब में पहुंचने के बाद उसने प्रशिक्षक को घटना की जानकारी दी और इसके बाद परिवार को मामले का पता चला. शिकायत मिलने के बाद एमआईडीसी पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस द्वारा ऑटो चालक और उसके साथी की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं. घटना के दौरान ऑटो किस रास्ते से गया, आसपास के सीसीटीवी कैमरों में क्या रिकॉर्ड हुआ तथा बालक द्वारा बताए गए हुलिए के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है.





