वाघ के हमले में 17 वर्षीय उर्मिला की मौत से दहला सोनोरी

परिवार का दर्द देखकर भावुक हुईं नवनीत राणा

* मौके से ही वनमंत्री को फोन
* बाघ को पकड़ने के लिए पुणे-नागपुर से विशेष दल रवाना
अमरावती/दि.7- चांदूर बाजार तहसील के सोनोरी गांव के शिवार में बाघ के हमले में 17 वर्षीय उर्मिला बाजीराव इवने की दर्दनाक मौत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है. एक ओर बेटी को खोने का असहनीय गम, तो दूसरी ओर गांव में मंडरा रहे आदमखोर बाघ के खौफ ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है. इस हृदयविदारक घटना के बाद गांव में मातम के साथ-साथ दहशत का माहौल है.
घटना की जानकारी मिलते ही भाजपा नेत्या एवं पूर्व सांसद नवनीत राणा अचलपुर के विधायक प्रविण तायडे के साथ तत्काल सोनोरी गांव पहुंचीं. उन्होंने मृतक उर्मिला के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया. परिवार का दर्द और उर्मिला का पार्थिव देखकर नवनीत राणा भी भावुक हो उठीं. परिजनों की आंखों से बहते आंसुओं ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को झकझोर दिया. लेकिन परिवार को सांत्वना देने के साथ ही नवनीत राणा ने ग्रामीणों की सुरक्षा का मुद्दा भी तत्काल अपने हाथ में लिया. बाघ के खौफ से गांव और ग्रामीणों को मुक्ति दिलाने के लिए वे मौके से ही सक्रिय हो गईं.
* मौके से ही वनमंत्री को फोन, अधिकारियों को दिए तत्काल निर्देश
नवनीत राणा ने घटनास्थल से ही राज्य के वनमंत्री गणेश नाईक को फोन कर सोनोरी परिसर की भयावह स्थिति और बाघ के हमले का पूरा ब्यौरा दिया. ग्रामीणों की जान पर मंडरा रहे खतरे की गंभीरता को देखते हुए वनमंत्री ने तत्काल सीसीएफ रेड्डी और जयोति बैनर्जी को फोन पर लाइन पर लिया और स्थिति की जानकारी हासिल की. वनमंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. बाघ को पकड़ने के लिए जितने भी संसाधन और मनुष्यबल की जरूरत हो, तत्काल उपलब्ध कराया जाए. खर्च की चिंता किए बिना बाघ को जल्द से जल्द जेरबंद किया जाए.
* हेलीकॉप्टर से बाघ की तलाश, पुणे-नागपुर से विशेष दल रवाना
नवनीत राणा ने मांग की कि बाघ की गतिविधियों का पता लगाने के लिए हेलीकॉप्टर की मदद से सघन तलाशी अभियान चलाया जाए और जरूरत पड़ने पर उसे बेहोश कर सुरक्षित तरीके से जेरबंद किया जाए. उनकी मांग पर वनमंत्री ने संपूर्ण वन विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए. इसके बाद पुणे और नागपुर से विशेष प्रशिक्षित खोज एवं बचाव दल सोनौरी के लिए रवाना किए गए हैं. वन विभाग द्वारा बाघ की तलाश और उसे पकड़ने के लिए युद्धस्तर पर अभियान शुरू किया गया है.
* दो गायों का भी शिकार, ग्रामीणों में दहशत
ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में बाघ की लगातार मौजूदगी और दो गायों के शिकार की घटनाओं ने खतरे को और गंभीर बना दिया है. ग्रामीणों का कहना है कि बाघ के कारण खेतों में जाना, मवेशियों को चराने ले जाना और रोजमर्रा के काम करना भी मुश्किल हो गया है. उर्मिला की मौत के बाद ग्रामीणों में भय और आक्रोश दोनों बढ़ गए हैं. ग्रामीणों ने वन विभाग से बाघ का तत्काल बंदोबस्त कर गांव को इस दहशत से मुक्त करने की मांग की है. जब तक बाघ को पकड़ा नहीं जाता, तब तक क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और ग्रामीणों को आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की गई है.
इस अवसर पर पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष सुरेखा ठाकरे, पवन बैस, रविंद्र गवई, पवन हिंगणे, मुरली माकोडे, रेचन भेले, उपेन बछले, रवि दिठोर, आनंद अहिर सहित वायएसपी और भाजपा के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे. उर्मिला की मौत ने एक परिवार से उसकी बेटी छीन ली है, वहीं पूरे सोनोरी गांव को भय की छाया में ला खड़ा किया है. अब ग्रामीणों की निगाहें वन विभाग की उस कार्रवाई पर टिकी हैं, जो इस खूंखार बाघ को पकड़कर गांव को फिर से सुरक्षित बनाएगी.

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