मुस्लिम धार्मिक कार्यक्रमों में डीजे के इस्तेमाल का धार्मिक स्तर पर विरोध

तेज आवाज से दूसरों को परेशानी और स्वास्थ्य पर असर का हवाला

* डीजे के इस्तेमाल के खिलाफ फतवा जारी, प्यारे खान ने किया स्वागत
नागपुर /दि.7- मुस्लिम समाज के धार्मिक कार्यक्रमों में बढ़ते डीजे के इस्तेमाल को लेकर अब धार्मिक स्तर से ही विरोध का स्वर सामने आया है. तेज आवाज में डीजे बजाने से आसपास के लोगों को परेशानी होने के साथ ही उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताते हुए इसके इस्तेमाल के खिलाफ फतवा जारी किया गया है. फतवे में कहा गया है कि ऐसी गतिविधि, जिससे दूसरे लोगों को परेशानी हो या उनके स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़े, इस्लाम में उचित नहीं मानी जाती. यह फतवा मुज्तबा शरीफ खान अशहरी मिस्बाही, मुहतमिम अल जामेअतुर रजविया दारुल उलूम अमजदिया की ओर से जारी किया गया है. इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि ईद हो या मुस्लिम समाज का कोई अन्य धार्मिक कार्यक्रम, दरगाह पर होने वाला आयोजन अथवा संदल-इन कार्यक्रमों में डीजे का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए.
फतवे में बड़े और तेज आवाज वाले डीजे से होने वाली परेशानी तथा स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित दुष्प्रभावों का उल्लेख किया गया है. इसमें कहा गया है कि धार्मिक कार्यक्रम के नाम पर ऐसी गतिविधि नहीं की जानी चाहिए, जिससे आसपास रहने वाले नागरिकों को परेशानी हो. धार्मिक आयोजनों में श्रद्धा और भक्ति को प्राथमिकता देने तथा ध्वनि प्रदूषण से बचने की अपील भी की गई है. फतवे में केवल किसी एक आयोजन का उल्लेख नहीं किया गया है, बल्कि मुस्लिम समाज के विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों को इसके दायरे में रखा गया है. ईद, दरगाह से संबंधित कार्यक्रम, संदल और अन्य धार्मिक आयोजनों में डीजे नहीं बजाने की बात कही गई है. फतवे में धार्मिक आयोजनों को श्रद्धा और भक्ति का माध्यम बताते हुए कहा गया है कि आयोजन के कारण दूसरे नागरिकों को परेशानी न हो और ध्वनि प्रदूषण की स्थिति उत्पन्न न हो.
इस फतवे का राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान ने स्वागत किया है. उन्होंने धार्मिक आयोजनों में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण के मुद्दे के बीच धार्मिक स्तर से ही डीजे के इस्तेमाल को लेकर आपत्ति जताए जाने को महत्वपूर्ण माना है. धार्मिक कार्यक्रमों में तेज आवाज वाले डीजे के इस्तेमाल को लेकर अलग-अलग अवसरों पर चर्चा और विवाद सामने आते रहे हैं. ऐसे में मुस्लिम धार्मिक कार्यक्रमों में डीजे के इस्तेमाल से बचने की धार्मिक अपील सामने आने से इस विषय पर चर्चा और तेज होने की संभावना है.

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