अपराध, स्वास्थ्य और किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस ने प्रशासन को घेरा

जिलाधिकारी आशीष येरेकर से मिला कांग्रेस शिष्टमंडल

* वेंटिलेटर हादसे की रिपोर्ट, बाघिन हमलों की जांच
* फसल पंचनामे और नशे के कारोबार पर कार्रवाई की मांग
अमरावती /दि.9- जिले और शहर में बढ़ते अपराध, स्वास्थ्य सेवाओं की कथित बदहाल स्थिति, बाघिन के हमलों, बारिश के खंड से फसलों को हुए नुकसान तथा गांजा-एमडी के बढ़ते कारोबार जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला. पूर्व पालकमंत्री यशोमती ठाकुर और डॉ. सुनील देशमुख के नेतृत्व में कांग्रेस के शिष्टमंडल ने जिलाधिकारी आशीष येरेकर से मुलाकात कर विभिन्न जनहित के मुद्दों पर ज्ञापन सौंपा और तत्काल कार्रवाई की मांग की. मांगों का निराकरण नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी गई.
शिष्टमंडल में पूर्व मंत्री डॉ. सुनील देशमुख, पूर्व विधायक वीरेंद्र जगताप, कांग्रेस जिलाध्यक्ष बबलू देशमुख, शहर अध्यक्ष बबलू शेखावत, पूर्व महापौर विलास इंगोले, मिलिंद चिरोटे, कंचन गावंडे, जयश्री वानखेडे सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे.
* तीन नवजातों की मौत पर रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
जिला स्त्री अस्पताल के नवजात अतिदक्षता विभाग में वेंटिलेटर में खराबी के बाद आग लगने से तीन नवजातों की मौत के मामले को कांग्रेस ने प्रमुखता से उठाया. नेताओं ने कहा कि घटना के बाद जांच समिति की रिपोर्ट जल्द देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन तीन सप्ताह से अधिक समय बीतने के बावजूद रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है. कांग्रेस ने जांच रिपोर्ट तत्काल सार्वजनिक करने, जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधितों पर कार्रवाई करने तथा संबंधित कंपनी के वेंटिलेटर समेत ऐसे उपकरणों की सुरक्षा जांच कराने की मांग की. दोष पाए जाने पर संबंधित कंपनी के उपकरणों की आपूर्ति रोकने की मांग भी की गई. इसके साथ ही इर्विन अस्पताल, डफरीन अस्पताल और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की व्यवस्थाओं, एमआरआई व स्कैनिंग मशीनों की उपलब्धता तथा अस्पतालों में जिम्मेदार अधिकारियों की नियुक्ति का मुद्दा भी उठाया गया.
* बाघिन हमलों में जिम्मेदारी तय करने की मांग
अमरावती और वर्धा क्षेत्र में बाघिन के हमलों में चार लोगों की मौत और बाद में संबंधित बाघिन की मौत का मुद्दा भी कांग्रेस ने उठाया. यशोमती ठाकुर ने आरोप लगाया कि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जाती तो जनहानि रोकी जा सकती थी. कांग्रेस ने पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र जांच कर वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष वाले क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा के लिए ठोस उपाय करने की मांग की.
* बारिश के खंड से फसलों पर संकट
जिले में बारिश का लंबा खंड पड़ने से खरीफ फसलों पर संकट गहराने की ओर भी कांग्रेस ने प्रशासन का ध्यान दिलाया. नेताओं ने खेतों का तत्काल सर्वेक्षण कर फसलों के पंचनामे कराने, नुकसानग्रस्त किसानों को आर्थिक सहायता देने और फसल बीमा का लाभ दिलाने की मांग की. कांग्रेस ने सवाल उठाया कि स्थिति और गंभीर होने से पहले किसानों के लिए सरकार की ओर से क्या राहत उपाय किए जा रहे हैं, इस पर तत्काल निर्णय होना चाहिए.
* कर्जमाफी में कथित गड़बड़ी की जांच
ज्ञापन में जिला बैंक की कर्जमाफी प्रक्रिया में कथित अनियमितता का आरोप भी लगाया गया. कांग्रेस नेताओं के अनुसार, कर्जमाफी के दौरान कागजों पर 50 प्रतिशत राशि दर्शाए जाने के बावजूद वास्तविक लाभ के समय किसानों को कथित रूप से 30 प्रतिशत की जानकारी दी गई. कांग्रेस ने पूरे मामले की जांच कर किसानों को वास्तविक लाभ दिलाने की मांग की.
* गांजा-एमडी के कारोबार पर सख्ती की मांग
शहर में गांजा और एमडी जैसे नशीले पदार्थों के कथित बढ़ते कारोबार को लेकर कांग्रेस ने चिंता जताई. नेताओं ने कहा कि नशे की आसान उपलब्धता का असर युवाओं और नाबालिगों पर पड़ रहा है. उन्होंने नशीले पदार्थों की बिक्री और तस्करी के खिलाफ पुलिस को प्रभावी कार्रवाई करने तथा अपराधियों में कानून का भय पैदा करने की मांग की.
* बढ़ते अपराध पर कानून-व्यवस्था को घेरा
हत्या और नाबालिग लड़कियों के साथ अत्याचार जैसी घटनाओं का हवाला देते हुए कांग्रेस ने जिले की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए. नेताओं का कहना था कि लगातार सामने आ रही गंभीर घटनाओं से नागरिकों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है. पुलिस प्रशासन से अपराधों पर तत्काल नियंत्रण के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की गई. कांग्रेस ने कहा कि अपराध नियंत्रण में विफलता की नैतिक जिम्मेदारी गृह विभाग संभाल रहे मुख्यमंत्री को स्वीकार करनी चाहिए.
* कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस ने अस्पताल व्यवस्था, किसान, वन्यजीव सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और नशे के कारोबार से जुड़े मुद्दों को सीधे आम नागरिकों की सुरक्षा और जीवन से जुड़ा बताया. शिष्टमंडल ने जिलाधिकारी से सभी मांगों पर संबंधित विभागों को तत्काल निर्देश देने का आग्रह किया. कांग्रेस ने स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्धारित समय में मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से आंदोलन किया जाएगा.

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