घर की बिजली से न करें फेस्टिवल की रोशनी, प्री-पेड स्मार्ट मीटर के लिए करें आवेदन
गणेशोत्सव और नवरात्रि के लिए अस्थायी बिजली कनेक्शन अनिवार्य

* घरेलू दर पर मिलेगी बिजली
अमरावती/दि.9 – गणेशोत्सव, नवरात्रि और अन्य सार्वजनिक धार्मिक आयोजनों की तैयारियां शुरू हो गई हैं. सार्वजनिक मंडलों के लिए बिजली इस्तेमाल के नियमों में बदलाव किया गया है. इस वर्ष से सार्वजनिक उत्सवों के लिए अस्थायी बिजली कनेक्शन लेना जरूरी होगा. इसके लिए मंडलों को प्री-पेड स्मार्ट मीटर उपलब्ध कराया जाएगा.
* घरेलू दर पर मिलेगी बिजली
सार्वजनिक गणेशोत्सव, नवरात्रि और अन्य धार्मिक त्यौहारों के लिए लिए जाने वाले अस्थायी बिजली कनेक्शन पर बिजली की दर घरेलू उपभोक्ताओं के समान रखी गई है. इससे मंडलों को राहत मिलने की उम्मीद है.
* पहले रिचार्ज, फिर बिजली का इस्तेमाल
अस्थायी कनेक्शन के लिए प्री-पेड स्मार्ट मीटर लगाया जाएगा. इसमें पहले से आवश्यक राशि का रिचार्ज करना होगा और उसके बाद बिजली का इस्तेमाल किया जा सकेगा. मीटर पर बिजली की खपत और शेष राशि की जानकारी भी उपलब्ध रहेगी. यह व्यवस्था मोबाइल के रिचार्ज की तरह होगी.
* अवैध कनेक्शन से दुर्घटना का खतरा
मंडलों को बिजली के खंभों या लाइनों से सीधे कनेक्शन लेने, अनधिकृत वायरिंग करने और क्षमता से अधिक लोड इस्तेमाल करने से बचना होगा. ऐसी लापरवाही से शॉर्ट सर्किट, आग और करंट लगने जैसी दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है. बिना अनुमति बिजली का इस्तेमाल या मीटर से छेड़छाड़ बिजली चोरी के दायरे में आ सकती है और नियमानुसार कार्रवाई हो सकती है.
* मंडप बनाते समय बिजली लाइनों से दूरी रखें
मंडप और रोशनी की व्यवस्था करते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. लोहे के खंभे, कमान या मंडप का कोई अन्य हिस्सा बिजली की लाइन के संपर्क में नहीं आना चाहिए. इससे बड़े हादसे को टाला जा सकता है.
* ऑनलाइन कर सकते हैं आवेदन
मंडल अस्थायी बिजली कनेक्शन के लिए महावितरण की ऑनलाइन सुविधा के माध्यम से घर बैठे आवेदन कर सकते हैं. आवेदन से पहले मंडल का पता, आवश्यक बिजली लोड और आयोजन की अवधि जैसी जानकारी तैयार रखना जरूरी होगा.
* उत्सव से पहले वायरिंग की जांच जरूरी
गणेशोत्सव शुरू होने से पहले मंडलों को मंडप की पूरी विद्युत व्यवस्था की जांच करानी चाहिए. इसमें वायरिंग, स्विच, डिस्ट्रीब्यूशन बोर्ड, अर्थिंग, फ्यूज-एमसीबी और लाइटिंग उपकरण शामिल हैं. सुरक्षा मानकों का पालन करने से उत्सव के दौरान बिजली से होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है.





