एमपीएससी छात्र की आत्महत्या से मन सुन्न
पेपर लीक और भर्ती में अनिश्चितता से विद्यार्थियों का भविष्य अंधकारमय

* पूर्व मंत्री एड. यशोमती ठाकुर का वक्तव्य
अमरावती/दि.10– धाराशिव में एमपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रहे होनहार छात्र प्रथमेश देशमुख की आत्महत्या की घटना बेहद दुखद और मन को झकझोर देने वाली है. लगातार मेहनत कर अपने उज्ज्वल भविष्य का सपना देखने वाले युवा का इस तरह दुनिया से चले जाना अत्यंत पीड़ादायक है, यह प्रतिक्रिया पूर्व मंत्री यशोमती ठाकुर ने व्यक्त की.
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों की आत्महत्या की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. वहीं पेपर लीक, परीक्षाएं स्थगित होना, परिणाम और भर्ती प्रक्रिया में देरी से विद्यार्थियों में असुरक्षा और भविष्य को लेकर चिंता बढ़ रही है. यशोमती ठाकुर ने सवाल उठाया कि वर्षों तक मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के लिए यदि बार-बार पेपर लीक जैसी घटनाएं होंगी, तो वे आखिर कहां जाएं? उन्होंने कहा कि पेपर लीक केवल परीक्षा व्यवस्था की गलती नहीं, बल्कि लाखों विद्यार्थियों की मेहनत और भविष्य के साथ अन्याय है. उन्होंने सरकार से परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने, पेपर लीक पर प्रभावी रोक लगाने, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और भर्ती प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करने की मांग की. साथ ही विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए प्रभावी समुपदेशन व्यवस्था शुरू करने पर भी जोर दिया. ठाकुर ने कहा कि प्रथमेश देशमुख के परिवार के दुख में वे सहभागी हैं और ईश्वर से परिवार को इस कठिन समय में शक्ति देने की प्रार्थना की. उन्होंने अपील की कि भविष्य में किसी भी विद्यार्थी को निराशा में आकर ऐसा कदम न उठाना पड़े, इसके लिए सरकार को तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए.





