गणेश विसर्जन के लिए मनपा की जोरदार तैयारी
आयुक्त ने छत्री व प्रथमेश तालाब का किया निरीक्षण

अमरावती/दि.10– आगामी 25 सितंबर को होने वाले गणेश विसर्जन को देखते हुए अमरावती मनपा प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. शहर के प्रमुख विसर्जन स्थलों पर पांच दिनों तक बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है. इसे देखते हुए स्वच्छता, सुरक्षा, यातायात, प्रकाश व्यवस्था, अग्निशमन, सीसीटीवी, पार्किंग और नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं को लेकर मनपा ने व्यापक नियोजन शुरू किया है.
इसी क्रम में मनपा आयुक्त डॉ. मंगेश गोंदावले ने बुधवार 9 सितंबर को छत्री तालाब और प्रथमेश तालाब का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया. इस दौरान पूर्व जोन क्रमांक 3 के सहायक आयुक्त नितीन बोबडे ने विसर्जन को लेकर किए जा रहे नियोजन की जानकारी आयुक्त को दी. आयुक्त ने कहा कि गणेश विसर्जन के पांचों दिनों में श्रद्धालुओं और वाहनों की संख्या बढ़ेगी. इसलिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से काम करें और नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए.
* विसर्जन स्थलों पर रहेंगी आवश्यक सुविधाएं
छत्री और प्रथमेश तालाब परिसर में स्टेज, मोबाइल टॉयलेट, नियमित सफाई, कचरा संकलन, पार्किंग, सीसीटीवी कैमरे और अग्निशमन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश आयुक्त ने दिए. भीड़ को देखते हुए सीसीटीवी कैमरे उचित स्थानों पर लगाने तथा अग्निशमन विभाग के वाहन, उपकरण और पर्याप्त कर्मचारियों को तैनात रखने के निर्देश भी दिए गए.
* दस्तुरनगर चौक तक प्रकाश व सीसीटीवी की व्यवस्था
विसर्जन स्थल से दस्तुरनगर चौक तक पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था करने के निर्देश विद्युत विभाग को दिए गए. रात के समय श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही को देखते हुए आवश्यक स्थानों पर अतिरिक्त लाइट लगाने तथा सुरक्षा की दृष्टि से मार्ग पर सीसीटीवी कैमरे लगाने को भी कहा गया.
* दस्तुरनगर-राजापेठ मार्ग पर तत्काल पैचवर्क
गणेश विसर्जन के दौरान यातायात का दबाव बढ़ने की संभावना को देखते हुए दस्तुरनगर चौक से राजापेठ तक खराब सड़कों और गड्ढों की तत्काल मरम्मत करने के निर्देश दिए गए. आवश्यक स्थानों पर पैचवर्क पूरा कर यातायात सुचारु रखने की हिदायत संबंधित विभाग को दी गई.
* विसर्जन मार्ग से हटेंगे अतिक्रमण
विसर्जन मार्ग और तालाब परिसर में यातायात में बाधा बनने वाले अतिक्रमण को तत्काल हटाने के निर्देश अतिक्रमण विभाग को दिए गए. श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही और यातायात जाम की स्थिति से बचने के लिए मार्ग को पर्याप्त रूप से खुला रखने पर जोर दिया गया.
* स्वच्छता और स्वास्थ्य व्यवस्था पर विशेष ध्यान
पांच दिनों तक तालाब परिसर में बड़ी भीड़ रहने के कारण नियमित सफाई, कचरा संकलन और मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध हो सके, इसके लिए आवश्यक स्वास्थ्य व्यवस्था तैयार रखने को भी कहा गया है. आयुक्त डॉ. गोंदावले ने स्वच्छता, विद्युत, स्वास्थ्य, अग्निशमन, उद्यान, अतिक्रमण और अभियांत्रिकी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्थल की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण कर लंबित कार्यों में तेजी लाने को कहा. निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त आयुक्त महेश देशमुख, सहायक आयुक्त नितीन बोबडे, वैद्यकीय अधिकारी (स्वच्छता) डॉ. अजय जाधव, मुख्य अग्निशमन अधिकारी दिनेश हंबर्डे, अग्निशमन अधीक्षक अजय पंधरे, उद्यान अधीक्षक शैलेश बोरकर, उपअभियंता (विद्युत) शरद तिनखेडे, ज्येष्ठ स्वास्थ्य निरीक्षक कुंदन हडाले सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे.





