एमपीएससी के सभी को जाना ही होगा
अमरावती के विद्यार्थियों की भूमिका अडिग

* परसों की बैठक का बहिष्कार का ऐलान
* मामला पेपर लीक का
अमरावती/दि.15 – राज्य चयन आयोग एमपीएससी के कथित पेपर लीक प्रकरण में अमरावती के विद्यार्थियों ने मजबूत भूमिका लेते हुए परसों 17 सितंबर की व्ही राधा समिति के सामने पेश नहीं होने का ऐलान आज दोपहर संवाददाता सम्मेलन में किया. विद्यार्थियों ने अध्यक्ष सहित एमपीएससी के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों के त्यागपत्र की मांग का पुनरुच्चार किया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि, पहले आयोग के अध्यक्ष त्यागपत्र देंगे, उसके बाद ही बात होगी.
मराठी पत्रकार भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में सुयोग राजनेकर, पराग देशमुख, मयूरी वाहने, अंजलि इंगले, आशीष इंगोले, स्वप्निल पाचोरे, मिलिंद भगत, स्मृति गव्हाणे, पूनम वानखडे मौजूद थे. उन्होंने विदर्भ स्पर्धा परीक्षा विद्यार्थी कृति समिति का दावा कर पांच मांगे शासन के सामने रखी है. जिसमें अध्यक्ष विवेक भीमनवार और सभी सदस्यों को एमपीएससी बोर्ड से तत्काल हटाए जाने, पेपर लीक के कारण विद्यार्थियों के हुए शैक्षणिक और आर्थिक तथा मानसिक नुकसान की क्षतिपूर्ति देने, व्यवस्था सौ प्रतिशत बदलने, जांच पारदर्शी रखने और दोषी पर कार्रवाई करने की मांग शामिल है.
विद्यार्थी कृति समिति ने यह भी कहा कि, केवल विद्यार्थियों से संवाद का दिखावा न करते हुए विद्यार्थियों द्वारा रखी गई मूलभूत डिमांड्स पर सरकार को ठोस निर्णय करने होंगे. विद्यार्थियों के आक्रोश की दखल लेने का आवाहन समिति ने किया. निर्णायक भूमिका लेने का भी आवाहन समिति ने किया है. समिति का आरोप है कि, पिछले कुछ वर्षों में एमपीएससी की भागडौर गलत व्यक्ति के हाथों में रहने से ही पेपर लीक, गैरप्रकार और भ्रष्टाचार को प्रोत्साहन मिला.





