अमरावती विभाग में ‘सेवा संकल्प अभियान’ को सफल बनाने सभी विभाग सक्रिय रूप से सहभागी हों
विभागीय आयुक्त नयना गुंडे का आवाहन

* विभागीय आयुक्त नयना गुंडे का आवाहन
* 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक होंगे विभिन्न उपक्रम
* विभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में समन्वय समिति की बैठक
अमरावती/दि.17– आम नागरिकों तक सरकारी सेवाएं प्रभावी रूप से पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा. अमरावती विभाग में इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी विभागों के विभागीय, जिला और तहसील स्तर के अधिकारी-कर्मचारी सक्रिय रूप से सहभागी हों, यह आवाहन विभागीय आयुक्त नयना गुंडे ने किया.
‘सेवा संकल्प अभियान’ के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में अमरावती विभाग स्तर पर कार्यान्वयन एवं निगरानी समिति गठित की गई है. समिति की बैठक में नयना गुंडे ने अभियान की तैयारियों और विभिन्न विभागों द्वारा किए जाने वाले उपक्रमों की समीक्षा की. बैठक में अमरावती के जिलाधिकारी आशीष येरेकर, अकोला की जिलाधिकारी वर्षा मीना, बुलढाणा के जिलाधिकारी प्रविण देवरे, यवतमाल के जिलाधिकारी विकास मीना और वाशिम के जिलाधिकारी योगेश कुंभेजकर, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सत्यम गांधी, नयन नावंदर, गुलाबराव खरात, विशाल खत्री और अर्पित चव्हाण तथा अमरावती मनपा आयुक्त डॉ. मंगेश गोंदावले और अकोला मनपा आयुक्त सुनील लहाने ऑनलाइन उपस्थित थे. इसके अलावा समिति के सदस्य सचिव एवं सूचना उपसंचालक अनिल आलुरकर, राजस्व के अपर आयुक्त अनिल खंडागले, विकास योजना की अपर आयुक्त शालिनी कडू, नगरपालिका प्रशासन के सह आयुक्त नितिन कापडणीस, विकास योजना सहायक आयुक्त राजू फडके और उपायुक्त प्रविण मानकर सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे.
* ‘सेवा परमो धर्म’ के उद्देश्य से लाभार्थियों तक पहुंचाएं योजनाओं का लाभ
विभागीय आयुक्त गुंडे ने कहा कि अभियान के दौरान राजस्व, ग्राम विकास, शिक्षा, नगर विकास, जलापूर्ति, स्वास्थ्य, वन, कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार, सूचना एवं जनसंपर्क, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, उद्योग, आदिवासी विकास तथा दिव्यांग कल्याण सहित विभिन्न विभाग अपनी योजनाओं और उपक्रमों को प्रभावी रूप से लागू करें. पात्र लाभार्थियों को अभियान अवधि में प्राथमिकता से योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए. उन्होंने अधिकारियों को शासन द्वारा निर्धारित कार्यक्रमों का सूक्ष्म नियोजन करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि ‘सेवा परमो धर्म’ की भावना के साथ सरकारी सेवाओं को आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए. जिलाधिकारी एवं जिला स्तरीय अधिकारी अपने-अपने विभागों की कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध तरीके से उसका क्रियान्वयन करें. कर्मचारियों के लिए भी स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जाएं.
* सेवा सेतु से लेकर जनसेवक महाकुंभ तक होंगे विभिन्न उपक्रम
अभियान के तहत सेवा सेतु अभियान, इनोवेशन चैलेंज, सेवा माझे योगदान, विकसित भारत संकल्प यात्रा, सेवाज्योत यात्रा, चित्रकला एवं वक्तृत्व प्रतियोगिता, आंगनवाड़ी उत्सव, आशीर्वाद का दीप, बदलाव की कहानी, आभार एवं संकल्प की रंगोली, नमो सेवागाथा, जल-जन-सेवा संकल्प यात्रा तथा जनसेवक महाकुंभ जैसे विभिन्न उपक्रम आयोजित किए जाएंगे. इसके अलावा लंबित फेरफार प्रविष्टियों का निपटारा, जीवित सातबारा अभियान, बलिराजा खेत एवं पाणंद मार्ग उपलब्ध कराना, राशन कार्ड वितरण, विभिन्न प्रमाणपत्रों का वितरण, जन्म-मृत्यु पंजीयन, दिव्यांग प्रमाणपत्र, शिक्षार्थी एवं वाहन चालक लाइसेंस संबंधी सेवाएं तथा सातबारा और 8-अ की प्रविष्टियां अद्यतन करने जैसे कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए.
* पारधी बस्तियों तक पहुंचकर समस्याओं का समाधान करने के निर्देश
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए. विभागीय आयुक्त ने सिंधी समाज के पात्र लाभार्थियों को पट्टे वितरित करने, पारधी बस्तियों में जाकर उनकी समस्याओं का समाधान करने, तलाठी कार्यालयों के लिए जगह उपलब्ध कराने, गांव स्तर पर श्मशानभूमि के लिए भूमि उपलब्ध कराने तथा वनाधिकार दावों का निपटारा करने जैसे कार्य अभियान के तहत करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल सरकारी योजनाओं की जानकारी देना नहीं, बल्कि पात्र नागरिकों तक प्रत्यक्ष रूप से सेवाएं और योजनाओं का लाभ पहुंचाना है. इसके लिए सभी विभागों के बीच प्रभावी समन्वय आवश्यक है. बैठक के बाद राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक लेकर ‘सेवा संकल्प अभियान’ के संबंध में अधिकारियों को मार्गदर्शन दिया. इस दौरान विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव एवं सचिव उपस्थित थे.





