‘डोंट मिस अ बीट’: दिल की हर धड़कन को गंभीरता से लेने का संदेश

27 से ‘अमरावती हार्टबीट 2026’, विश्व हृदय दिवस पर जेनिथ अस्पताल की अनूठी पहल

* विश्व हृदय दिवस पर अमरावती में स्वास्थ्य जागरूकता को जनभागीदारी से जोड़ने की पहल
अमरावती/दि. 19 – हृदय हमारे शरीर के उन अंगों में शामिल है, जिसकी लगातार चल रही गतिविधि का एहसास हमें सामान्य परिस्थितियों में नहीं होता. लेकिन जब हृदय संबंधी बीमारी के संकेत सामने आते हैं, तब उन्हें नजरअंदाज करने के बजाय समय पर पहचानना महत्वपूर्ण हो जाता है. इसी संदेश के साथ आज विश्व हृदय दिवस पर अमरावती में हृदय स्वास्थ्य को लेकर जनजागरण अभियान को गति दी जा रही है. विश्व हृदय दिवस हर वर्ष 29 सितंबर को मनाया जाता है. विश्व हृदय महासंघ के 2026 अभियान का संदेश ‘डोंट मिस अ बीट’ है. इस वर्ष अभियान में हृदय रोग के ऐसे संकेतों को पहचानने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिन्हें लोग कई बार सामान्य परेशानी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं.
अमरावती में ज़ेनिथ हॉस्पिटल द्वारा 27 सितंबर से 6 अक्टूबर तक चलाए जा रहे ‘अमरावती हार्टबीट 2026’ अभियान को इसी व्यापक संदेश से जोड़ा गया है. अभियान का उद्देश्य नागरिकों को यह समझाना है कि हृदय की देखभाल केवल बीमारी के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि नियमित जांच, शारीरिक गतिविधि, संतुलित आहार और आपातस्थिति में सही प्रतिक्रिया भी इसका हिस्सा है. अभियान के अंतर्गत सार्वजनिक स्थलों पर ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नि:शुल्क जांच की जा रही है. इसके अलावा प्रतिदिन 25 नागरिकों को सीपीआर का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है. नागरिकों से रोजाना 25 मिनट अपनी क्षमता के अनुसार शारीरिक गतिविधि करने का संकल्प लेने की भी अपील की जा रही है.
हृदय स्वास्थ्य के लिए जागरूकता का अर्थ केवल बीमारी से डरना नहीं, बल्कि अपने जोखिमों को समझना है. उच्च रक्तचाप, मधुमेह, अस्वस्थ कोलेस्ट्रॉल, तंबाकू का सेवन, शारीरिक निष्क्रियता और पारिवारिक इतिहास जैसे कारकों पर समय रहते ध्यान देना आवश्यक है. विश्व हृदय महासंघ के अनुसार हृदय रोगों के कई जोखिमों पर रोकथाम और समय पर कार्रवाई के माध्यम से काम किया जा सकता है. इसलिए ‘डोंट मिस अ बीट’ का संदेश नागरिकों को अपने हृदय स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और संकेतों को नजरअंदाज न करने की याद दिलाता है.
इस अवसर पर नागरिकों से अपील की जा रही है कि वे स्वयं जांच कराएं, परिवार के सदस्यों को भी जांच के लिए प्रेरित करें, आपातस्थिति में सहायता देने का कौशल सीखें और नियमित शारीरिक गतिविधि को जीवनशैली का हिस्सा बनाएं. धड़कन सामान्य है, इसलिए उसकी अनदेखी नहीं, बल्कि उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी जरूरी है.

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