अमरावती में रोज करीब 10 लोग बन रहे ‘डॉग बाइट’ का शिकार
आवारा कुत्तों के झुंड से मॉर्निंग-इवनिंग वॉक भी मुश्किल

* नसबंदी-टीकाकरण की निविदा तीन बार बेअसर, अब चौथी बार प्रक्रिया
अमरावती/दि. 21– शहर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है. स्थिति यह है कि रोजाना औसतन 10 लोगों के कुत्ते के काटने या खरोंचने की घटनाएं सामने आ रही हैं. रात में वाहन चालकों के पीछे कुत्तों के झुंड दौड़ने की शिकायतें भी आम हैं. इसके कारण सुबह और शाम स्वास्थ्य के लिए पैदल निकलने वाले नागरिकों में भी भय का माहौल है.
इन दिनों शहर का शायद ही कोई ऐसा प्रमुख मार्ग या इलाका हो, जहां आवारा कुत्तों के झुंड नजर न आते हों. दिल्ली पब्लिक स्कूल से अकोली मार्ग सहित कई स्थानों पर कुत्तों के झुंड देखे जा रहे हैं. नागरिकों का कहना है कि कई बार सुरक्षा के लिए हाथ में डंडा लेकर निकलना पड़ता है. कुछ लोगों ने आवारा कुत्तों से बचने के लिए खुले रास्तों के बजाय बंद और सुरक्षित स्थानों पर घूमना शुरू कर दिया है.
*बुजुर्ग और स्कूली बच्चे भी निशाने पर
कुत्तों के काटने और खरोंचने की घटनाओं में वरिष्ठ नागरिकों, स्कूली विद्यार्थियों और मध्यम आयु वर्ग के लोगों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आ रही है. घनी आबादी वाले क्षेत्रों में झुंड बनाकर घूमने वाले कुत्तों के कारण पैदल चलने वालों के साथ-साथ दोपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी हो रही है. नागरिकों का कहना है कि सुबह और शाम नियमित रूप से घूमने वालों को अब अकेले निकलने में डर लगता है. कई लोग चार-पांच लोगों के समूह में ही चलना सुरक्षित मान रहे हैं.
* नसबंदी और टीकाकरण की निविदा फिर अटकी
आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए महानगरपालिका द्वारा नसबंदी और एंटी रेबीज टीकाकरण की निविदा प्रक्रिया पहले भी चलाई गई, लेकिन कोई ठेकेदार आगे नहीं आया. अब चौथी बार निविदा प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है. मनपा के पशु शल्य चिकित्सक डॉ. संतोष देशमुख के अनुसार, कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी और एंटी रेबीज टीकाकरण करना जोखिम वाला काम है. इसके लिए विशेषज्ञ संस्था की आवश्यकता होती है. शहर में ऐसी संस्थाएं मौजूद हैं, लेकिन पूर्व में उनके भुगतान लंबित रहने के कारण ठेकेदारों में यह आशंका बनी हुई है कि नया काम लेने के बाद भुगतान समय पर मिलेगा या नहीं. इसी वजह से निविदा प्रक्रिया में अपेक्षित प्रतिसाद नहीं मिल रहा है.
* 2 अक्तूबर से विशेष अभियान की तैयारी
मनपा की ओर से बताया गया है कि 2 अक्तूबर से शहर के प्रमुख स्थानों पर आवारा कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी और टीकाकरण करने की योजना है. इनमें स्कूल, कॉलेज, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बाजार और प्रमुख चौराहे शामिल हैं. मनपा के अनुसार, पकड़े गए कुत्तों को शेल्टर होम में रखने की भी योजना है. हालांकि, आवारा कुत्तों को हटाने की कार्रवाई को लेकर वन्यजीव और पशुप्रेमी संगठनों की आपत्तियों को भी ध्यान में रखना पड़ता है. इसी कारण कार्रवाई में कानूनी प्रावधानों और संबंधित नियमों का पालन करना आवश्यक है.
* शिकायत मिलने पर झोन स्तर पर कार्रवाई
मनपा प्रशासन ने नागरिकों से आवारा कुत्तों या अन्य आवारा पशुओं से संबंधित शिकायतें दर्ज कराने की अपील की है. प्रशासन के अनुसार, कार्रवाई के लिए झोननिहाय पथक गठित किए गए हैं और शिकायत मिलने पर संबंधित क्षेत्र में तत्काल कार्रवाई की जाएगी. आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और नसबंदी-टीकाकरण की लंबित प्रक्रिया के बीच नागरिक अब मनपा से ठोस और नियमित कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं.
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