राहुल गांधी पर दोबारा कुछ कहा, तो खबरदार…

पूर्व मंत्री यशोमती ठाकुर की ललकार

* पालकमंत्री बावनकुले के बयान पर जमकर बरसीं
* जिले में पडे सूखे से लेकर जनता दरबार में उमड़ी भीड पर उठाए सवाल
अमरावती/दि.22- पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले द्वारा कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लेकर की गई टिप्पणी पर कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री एवं पूर्व मंत्री एड. यशोमती ठाकुर ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि वे अब तक पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को गंभीर नेता मानती थीं और समझती थीं कि राजनीतिक लड़ाई वैचारिक स्तर पर है, लेकिन अब इसे व्यक्तिगत स्तर पर ले जाया जा रहा है. पूर्व मंत्री एड. यशोमती ठाकुर ने कहा कि, राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन नेताओं के बीच संवाद का स्तर व्यक्तिगत टिप्पणियों तक नहीं पहुंचना चाहिए. पूर्व मंत्री एड. यशोमती ठाकुर ने कहा कि, राहुल गांधी वर्तमान में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं और नेहरू-गांधी परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं. उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी को लेकर इस तरह की टिप्पणियां दोहराई गईं तो कांग्रेस के समर्पित और एकनिष्ठ कार्यकर्ता इसका राजनीतिक स्तर पर विरोध करेंगे.
पूर्व मंत्री एड. यशोमती ठाकुर ने बावनकुले के अमरावती दौरे के दौरान आयोजित जनता दरबार का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में नागरिक अपनी शिकायतें और निवेदन लेकर सीधे पालकमंत्री के पास पहुंचे. उनके अनुसार, यह स्थिति स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है. पूर्व मंत्री एड. यशोमती ठाकुर ने कहा कि, यदि राजस्व, मनपा, बिजली, पुलिस तथा अन्य संबंधित विभागों के स्थानीय स्तर के अधिकारी नागरिकों की समस्याओं का प्रभावी ढंग से निराकरण कर रहे हैं, तो इतनी बड़ी संख्या में लोगों को अपनी शिकायतें लेकर सीधे पालकमंत्री तक पहुंचने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है. उन्होंने कहा कि जनता दरबार में प्राप्त निवेदनों पर आगे क्या कार्रवाई होती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा. केवल आवेदन स्वीकार करने के बजाय संबंधित विभागों द्वारा समयबद्ध कार्रवाई कर नागरिकों को राहत मिलनी चाहिए. उन्होंने राज्य सरकार पर गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई सहित आम नागरिकों की समस्याओं को लेकर भी निशाना साधा और कहा कि इन मुद्दों के समाधान को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठ रहे हैं.
जिले में बारिश के लंबे खंड से खरीफ फसलों पर पड़े असर का मुद्दा उठाते हुए पूर्व मंत्री एड. यशोमती ठाकुर ने सूखे के आकलन में तहसीलनिहाय भेदभाव नहीं करने की मांग भी की. उन्होंने कहा कि एक ही जिले के एक तालुका को सूखाग्रस्त घोषित करना और दूसरे को बाहर रखना नैतिक रूप से उचित नहीं है. सूखे की मार प्रशासनिक सीमाओं को देखकर नहीं पड़ती, इसलिए जहां वास्तविक फसल नुकसान हुआ है, वहां के किसानों को समान राहत मिलनी चाहिए. पूर्व मंत्री एड. यशोमती ठाकुर ने कहा कि, अमरावती जिले के कई हिस्सों में सोयाबीन, कपास, तूर, मूंग सहित खरीफ फसलों को नुकसान पहुंचा है और किसान आर्थिक संकट में हैं. ऐसे में केवल कागजी निकषों के आधार पर निर्णय लेने के बजाय प्रशासन को खेतों तक पहुंचकर वास्तविक स्थिति का आकलन करना चाहिए. उन्होंने पालकमंत्री के समक्ष भी यह मुद्दा रखते हुए नुकसानग्रस्त क्षेत्रों का वस्तुनिष्ठ सर्वेक्षण कराने तथा सभी पात्र क्षेत्रों को राहत प्रक्रिया में शामिल करने की मांग की.
पूर्व मंत्री एड. यशोमती ठाकुर ने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल फसल पंचनामे कराने की मांग की. उन्होंने सूखा प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता देने, कर्जवसूली पर स्थगन तथा आवश्यक शासकीय रियायतें उपलब्ध कराने के लिए सरकार से तत्काल निर्णय लेने को कहा. उन्होंने कहा कि राहत का आधार तहसील या प्रशासनिक सीमा नहीं, बल्कि किसानों की वास्तविक क्षति और वस्तुनिष्ठ निकष होने चाहिए. उनके अनुसार, जिस क्षेत्र में फसल नुकसान हुआ है, वहां के प्रत्येक पात्र किसान को राहत मिलना आवश्यक है.
इसी राजनीतिक संदर्भ में पूर्व मंत्री एड. यशोमती ठाकुर ने चिखली के पूर्व विधायक राहुल बोंद्रे की कांग्रेस के प्रति निष्ठा की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि बदलते राजनीतिक माहौल के बावजूद विधायक राहुल बोंद्रे ने कांग्रेस और राहुल गांधी के नेतृत्व के साथ मजबूती से खड़े रहने का निर्णय लिया है. पूर्व मंत्री एड. यशोमती ठाकुर ने कहा कि, राजनीति में परिस्थितियां बदलती रहती हैं, लेकिन विचार और पार्टी के प्रति निष्ठा महत्वपूर्ण होती है. उन्होंने विधायक बोंद्रे की भूमिका को कांग्रेस विचारधारा में उनके विश्वास का परिचायक बताते हुए कहा कि पद, सत्ता या दबाव से अधिक विचार महत्वपूर्ण होते हैं.

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