एक नहीं, दो बार मेरे घर पर मंडराया था अज्ञात ड्रोन

पूर्व मंत्री यशोमति ठाकूर का एक और सनसनीखेज दावा

* सत्तापक्ष पर लगाया अपनी जासूसी व सुरक्षा में सेंध का आरोप
* सोमवार को हुए कांग्रेस के आंदोलन से ठीक पहले तडके 1.45 बजे दूसरी बार घर के ऊपर ड्रोन मंडराने की बात कही
* पुलिस आयुक्त राकेश ओला से मिलकर हालात से कराया अवगत, जांच की मांग उठाई
* गाडगेनगर पुलिस के थानेदार गोरखनाथ जाधव ने मामले की जांच व अज्ञात ड्रोन की तलाश जारी रहने की बात कही
अमरावती/दि.30 – कांग्रेस नेत्री एवं पूर्व मंत्री यशोमती ठाकुर ने दावा किया है कि स्थानीय गणेडीवाल लेआऊट परिसर स्थित उनके आवास के ऊपर एक अज्ञात ड्रोन एक बार नहीं, बल्कि दो बार मंडराता दिखाई दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके घर और गतिविधियों पर नजर रखने के उद्देश्य से ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है और इसके पीछे सत्तापक्ष से जुड़े लोगों की भूमिका हो सकती है. पूर्व मंत्री ठाकुर ने पूरे मामले को अपनी सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की है.
पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर के अनुसार, सोमवार को होने वाले कांग्रेस के आंदोलन से ठीक पहले तड़के करीब 1.45 बजे उनके आवास के ऊपर दूसरी बार संदिग्ध ड्रोन मंडराता दिखाई दिया. उन्होंने दावा किया कि ड्रोन काफी देर तक घर के आसपास घूमता रहा, जिससे उन्हें संदेह हुआ कि आवास और वहां होने वाली गतिविधियों की निगरानी या चित्रीकरण किया जा रहा है. जबकि इससे एक-दो दिन पहले दोपहर के वक्त उनके आवास के ऊपर एक बडा सा ड्रोन मंडराता दिखाई दिया था. खासबात यह है कि, इस तरह के बडे ड्रोन का उपयोग सरकारी कार्यों या सर्वे के लिए किया जाता है. जिसके चलते संदेह है कि, संभवतः उक्त ड्रोन भी सरकारी ही रहा होगा.
पूर्व मंत्री ठाकुर ने आरोप लगाया कि यह महज सामान्य ड्रोन उड़ान का मामला नहीं है, बल्कि यदि किसी के घर के ऊपर बार-बार ड्रोन उड़ाकर निगरानी की जा रही है तो यह निजता और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है. उन्होंने संबंधित व्यक्ति या संस्था की पहचान कर उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की. पूर्व मंत्री ठाकुर ने आरोप लगाया कि राजनीतिक गतिविधियों पर नजर रखने और विपक्षी नेताओं की जानकारी जुटाने के लिए इस तरह की गतिविधियां की जा रही हैं. उन्होंने कहा कि यदि ड्रोन किसी वैध कार्य के लिए उड़ाया गया था तो उसका संचालक सामने आना चाहिए और यदि बिना अनुमति किसी के निजी आवास की निगरानी या चित्रीकरण किया गया है तो उसके पीछे का उद्देश्य भी सामने आना चाहिए.
घटना के बाद पूर्व मंत्री यशोमती ठाकुर ने पुलिस आयुक्त राकेश ओला से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और अज्ञात ड्रोन का पता लगाने की मांग की. इससे पहले भी उनके गणेडीवाल लेआउट स्थित निवास के आसपास ड्रोन उड़ने और कथित रूप से चित्रीकरण किए जाने की शिकायत गाडगेनगर पुलिस थाने में दर्ज कराई गई थी. पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद ड्रोन किस दिशा से आया, उसे कौन संचालित कर रहा था और उसका उद्देश्य क्या था, इसकी प्राथमिक जांच शुरू की है. वहीं गाडगेनगर पुलिस निरीक्षक गोरखनाथ जाधव ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए ड्रोन के स्रोत और संचालक का पता लगाने के लिए जांच जारी होने की जानकारी दी है.

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