सूखे की स्थिति में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए तैयार रहें

खराब ट्रांसफॉर्मर 24 घंटे में बदलें, मुख्यालय न छोड़ें

महावितरण के निदेशक धनंजय औंढेकर के कड़े निर्देश
अमरावती/दि.1 – राज्य में बने सूखे के संकट के बीच किसानों और आम नागरिकों को राहत देने के लिए महावितरण की जिम्मेदारी बढ़ गई है. ऐसे में प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी का अपने मुख्यालय पर रहना अनिवार्य है. काम में लापरवाही या गैरहाजिरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. यह स्पष्ट निर्देश महावितरण के संचालक (संचालन) धनंजय औंढेकर ने दिए.
मंगलवार, 29 सितंबर को अमरावती के डॉ. पंजाबराव देशमुख मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में उन्होंने परिमंडल के जनमित्रों के साथ सीधे संवाद किया. इस अवसर पर मुख्य अभियंता दिलीप डोडके, अधीक्षण अभियंता दीपक देवहाते (अमरावती), रूपेश टेंभुर्णे (यवतमाल), अनिल काले (मूलभूत प्रारुप) सहित सभी विभागीय कार्यकारी अभियंता, विभाग प्रमुख, अभियंता, जनमित्र और यंत्रचालक उपस्थित थे.
* किसानों को दिन में बिजली देने पर जोर
औंढेकर ने कहा कि सूखे की गंभीर स्थिति को देखते हुए परिमंडल के सभी कृषि उपभोक्ताओं को संभव हो तो दिन के समय निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए. किसी ट्रांसफॉर्मर (रोहित्र) के खराब अथवा जल जाने पर उसे 24 घंटे के भीतर तत्काल बदलने के स्पष्ट निर्देश उन्होंने दिए. उन्होंने बताया कि आवश्यक नए ट्रांसफॉर्मर और तेल सभी मंडल कार्यालयों में पहले से उपलब्ध कराए गए हैं. इसलिए ट्रांसफॉर्मर बदलने के काम में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. साथ ही गैर-कृषि उपभोक्ताओं को 24 घंटे भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए.
* ‘जीरो लाइनमैन’ रखने पर कार्रवाई की चेतावनी
बिजली वितरण व्यवस्था का सुरक्षित संचालन, रखरखाव एवं मरम्मत तथा ग्राहकों की शिकायतों का तत्काल समाधान संबंधित तकनीकी कर्मचारियों की जिम्मेदारी है. इसके बावजूद कई स्थानों पर निजी व्यक्तियों अथवा ‘जीरो लाइनमैन’ का इस्तेमाल किए जाने की शिकायतों पर औंढेकर ने गंभीर नाराजगी जताई. उन्होंने कड़ा निर्देश देते हुए कहा कि जीरो लाइनमैन का इस्तेमाल करने वाले दोषी कर्मचारी को तत्काल सेवा से बर्खास्त किया जाएगा.
* बिजली चोरी के खिलाफ अभियान जारी रहेगा
महावितरण के मिशन और विजन पर मार्गदर्शन करते हुए औंढेकर ने कंपनी की कार्यप्रणाली और भविष्य की दिशा की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि बिजली चोरी के खिलाफ महावितरण ने सख्त रुख अपनाया है और यह अभियान लगातार जारी रहेगा. बिजली वितरण व्यवस्था की कार्यक्षमता बढ़ाना, उपभोक्ताओं को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण सेवा उपलब्ध कराना तथा कंपनी के राजस्व में वृद्धि करना महत्वपूर्ण प्राथमिकताएं हैं. इसके लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारी के साथ काम करने के निर्देश उन्होंने दिए.

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