गैर आधार अब नहीं होगा दस्तावेजों का पंजीयन

राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने दी जानकारी

महाराष्ट्र में आज से नया नियम लागू
63 प्रकार के संपत्ति दस्तावेजों पर होगा असर
मुंबई /दि.1– महाराष्ट्र में अचल संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों के पंजीयन के लिए अब आधार आधारित पहचान सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है. राजस्व विभाग की नई व्यवस्था 1 अक्टूबर से लागू हो गई है. इसके तहत संपत्ति से जुड़े 63 प्रकार के दस्तावेजों के पंजीयन में पहचान सत्यापन आवश्यक होगा. इनमें खरीदी-बिक्री, बंधक और बंटवारे जैसे दस्तावेज शामिल हैं.
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बुधवार को इस निर्णय की जानकारी देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य जमीन और संपत्ति के लेन-देन में होने वाली धोखाधड़ी और फर्जी पहचान के मामलों पर रोक लगाना है. पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग राजस्व विभाग के अधीन कार्य करता है.
* आधार नहीं होने पर भी वैकल्पिक व्यवस्था
नई व्यवस्था में ऐसे लोगों के लिए वैकल्पिक प्रावधान रखा गया है, जिनके पास अभी आधार नंबर उपलब्ध नहीं है. ऐसे व्यक्ति आधार पंजीयन की रसीद के साथ अन्य सरकारी पहचान दस्तावेज प्रस्तुत कर सकेंगे. इसके अलावा खरीदी-बिक्री के पक्षकारों के बीच संबंध साबित करने वाले आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत करने पड़ सकते हैं. दस्तावेजों की जांच और सत्यापन के बाद ही पंजीयन प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी.
* बच्चों और पात्र लाभार्थियों के लिए विशेष प्रावधान
18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के मामले में माता-पिता अथवा कानूनी अभिभावक की सहमति के बाद आधार पंजीयन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. केवल आधार क्रमांक उपलब्ध नहीं होने के कारण किसी बच्चे या पात्र लाभार्थी को दस्तावेज पंजीयन से वंचित नहीं रखा जाएगा.
* फर्जी गवाह और पहचान पर रोक लगाने का प्रयास
राजस्व विभाग के अनुसार, आधार आधारित पहचान सत्यापन से संपत्ति के लेन-देन में फर्जी व्यक्ति या झूठे गवाह प्रस्तुत करने जैसी धोखाधड़ी को रोकने में मदद मिलेगी. नई व्यवस्था में पंजीयन से पहले संबंधित पक्षों की पहचान की पुष्टि पर विशेष जोर दिया गया है. सरकार का कहना है कि जमीन और संपत्ति के सौदों में पहचान की पुष्टि मजबूत होने से पंजीयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी. वहीं, नए नियम के तहत दस्तावेज पंजीयन कराने वाले नागरिकों को निर्धारित पहचान और सत्यापन प्रक्रिया पूरी करनी होगी.

Back to top button