डरो मत, सिंचाई के लिए भी अपर वर्धा से मिलेगा पर्याप्त पानी
30 सितंबर तक बांध में 58.66% जलसंचय

अमरावती-बडनेरा की जलापूर्ति के साथ किसानों के लिए सिंचाई का पानी भी सुरक्षित
अमरावती/दि.2 – जिले की लाइफलाइन माने जाने वाले अपर वर्धा प्रकल्प में इस वर्ष अपेक्षाकृत कम बारिश के कारण जलसंचय में कमी दर्ज की गई है. 30 सितंबर तक बांध में 330.85 दलघमी यानी 58.66 प्रतिशत पानी जमा है. पिछले वर्ष की तुलना में उपयोगी जलसंचय में करीब 41 प्रतिशत की कमी बताई जा रही है. इसके बावजूद अमरावती और बडनेरा शहरों की जलापूर्ति सहित सिंचाई के लिए पानी में तत्काल कटौती की कोई योजना नहीं है. जल संसाधन विभाग ने नागरिकों और किसानों को पानी को लेकर चिंता न करने का भरोसा दिया है.
मोर्शी तहसील के सिंभोरा स्थित नल-दमयंती सागर यानी अपर वर्धा प्रकल्प में इस साल मानसून के दौरान अपेक्षाकृत कम बारिश हुई. इसके कारण बांध पूरी क्षमता तक नहीं भर सका. अपर वर्धा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान जलसंचय को देखते हुए विभिन्न आरक्षित योजनाओं के लिए आवश्यक पानी उपलब्ध है.
* किसानों को सिंचाई के लिए भी मिलेगा पानी
अपर वर्धा विभाग के उपकार्यकारी अभियंता जे. एम. गावंडे के मुताबिक कम जलसंचय के बावजूद अमरावती और बडनेरा शहरों समेत विभिन्न जलापूर्ति योजनाओं के लिए पानी सुरक्षित रखा गया है. किसानों को सिंचाई के लिए भी आवश्यक पानी उपलब्ध कराने की योजना है. जानकारी के अनुसार, 5 या 6 अक्टूबर को खरीफ सिंचाई के लिए पानी छोड़े जाने की संभावना है. इसके बाद रबी सीजन की सिंचाई के लिए पानी का नियोजन किया जाएगा.
* जलापूर्ति योजनाओं के लिए पानी आरक्षित
अपर वर्धा प्रकल्प से विभिन्न उपयोगों के लिए पानी आरक्षित किया गया है. महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के लिए 58 दलघमी पानी आरक्षित है और उसकी ओर से करीब 55 दलघमी पानी की मांग दर्ज की गई है. सोफिया थर्मल पावर प्रकल्प के लिए 60 दलघमी में से 28 दलघमी की मांग दर्ज है. वहीं नांदगांव पेठ एमआईडीसी के लिए 10 दलघमी में से 2.5 दलघमी पानी आरक्षित है. इसके अलावा मोर्शी नगर परिषद, तिवसा नगर पंचायत, वरुड नगर परिषद तथा हिवरखेड़ और राजुरा बाजार की ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के लिए भी पानी आरक्षित है. अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान स्थिति में इन योजनाओं के लिए तत्काल पानी की कमी की स्थिति नहीं है.
* 100 प्रतिशत भरने पर सिंचाई के लिए 200 दलघमी
अपर वर्धा प्रकल्प पूरी क्षमता से भरने पर सिंचाई के लिए करीब 200 दलघमी पानी उपलब्ध होता है. इस वर्ष बांध में 58.66 प्रतिशत जलसंचय होने के बावजूद सिंचाई के लिए आवश्यक पानी उपलब्ध कराने का नियोजन जल संसाधन विभाग ने किया है. अधिकारियों के मुताबिक, पानी की स्थिति को लेकर अंतिम निर्णय आने वाले मार्च, अप्रैल और मई महीनों में जलसंचय और उपलब्धता की स्थिति पर निर्भर करेगा.
* ‘पानी कम करने का कोई प्रस्ताव नहीं’
अपर वर्धा विभाग के कार्यकारी अभियंता श्रीकांत उमप ने बताया कि 30 सितंबर तक प्रकल्प में 58.66 प्रतिशत जलसंचय है, लेकिन फिलहाल किसी भी जलापूर्ति योजना के पानी में कटौती करने का कोई प्रस्ताव नहीं है. उपलब्ध आरक्षित पानी की तुलना में संबंधित योजनाओं की मांग कम है. इसलिए वर्तमान परिस्थिति में नागरिकों और किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है.





