गांधी जयंती पर भाकपा ने मनाया सामाजिक सद्भाव दिवस

जयस्तंभ चौक में महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि

लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का संकल्प
अमरावती/दि.3 – भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर सामाजिक सद्भाव दिवस मनाया गया. इस अवसर पर स्थानीय जयस्तंभ चौक में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई. कार्यक्रम में वक्ताओं ने सामाजिक एकता, लोकतांत्रिक अधिकार, मताधिकार और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर अपने विचार रखे.
प्रकल्पग्रस्तों के नेता प्रा. साहेबराव बिदले ने कहा कि महात्मा गांधी के नेतृत्व में चले स्वतंत्रता आंदोलन के कारण देश ब्रिटिश गुलामी से मुक्त हुआ और देश में स्वतंत्रता तथा लोकतंत्र की स्थापना हुई. लोकतंत्र में प्रत्येक व्यक्ति और मतदाता महत्वपूर्ण है. उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर की प्रक्रिया के कारण मतदाता सूची से बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं. उन्होंने गांधी जयंती के अवसर पर लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए लंबे संघर्ष का संकल्प लेने का आह्वान किया. विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य प्रा. कैलास चव्हाण ने कहा कि देशभर में नई पीढ़ी अपने अधिकारों के लिए आंदोलन कर रही है. मताधिकार, रोजगार के अधिकार और परीक्षा में होने वाली कथित अनियमितताओं के खिलाफ विद्यार्थी आवाज उठा रहे हैं. उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान कठिन परिस्थितियों का सामना करने के बावजूद विद्यार्थी हिंसा का रास्ता नहीं अपना रहे हैं, बल्कि विचारों के माध्यम से अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं.
भाकप के राज्य कार्यकारिणी सदस्य अशोक सोनारकर ने कहा कि जब भी मेहनतकश वर्ग के आंदोलन तेज होते हैं, तब धार्मिक और जातीय सद्भाव बिगाड़ने वाली परिस्थितियां पैदा होने का अनुभव देश ने लंबे समय से किया है. आज किसान, मजदूर, विद्यार्थी, युवा, महिला, आदिवासी और अल्पसंख्यक वर्गों के अनेक सवाल गंभीर हैं. उन्होंने सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि धार्मिक-जातीय द्वेष को नकारें, सामाजिक एकता को आधार दें के संदेश के साथ एकता, भाईचारा, सद्भाव और सामाजिक न्याय के मूल्यों की रक्षा करनी चाहिए. भाकप की ओर से एसआईआर विरोधी अभियान और ‘बदलाव जरूरी है’ अभियान 3 दिसंबर को प्रस्तावित जेल भरो आंदोलन तक जारी रखने की जानकारी भी दी गई.
कार्यक्रम का संचालन महानगर सचिव सुनील घटाले ने किया. इस अवसर पर प्रा. साहेबराव बिदले, अशोक सोनारकर, प्रा. कैलास चव्हाण, विजय चव्हाण, लता सोनारकर, निलकंठ ढोके, अतुल गायगोले, दिगंबर नगेकर, प्रवीण वासनिक, जे.एम. कोठारी, अनिल फुलझेले, प्रतिभा मेश्राम, दिनेश मेश्राम, अशोकराव राऊत तथा गांधी वेशभूषा में सर्जेराव गलफट सहित विद्यार्थी, युवा और नागरिक उपस्थित थे.

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