स्कूलों और आंगनवाड़ियों के लिए विशेष अनुदान का रास्ता खुला
ग्राम पंचायतों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का होगा विकास

3 से 20 लाख रुपये तक के कार्यों को मंजूरी
अमरावती/दि.3 – ग्रामीण क्षेत्रों में जिला परिषद स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए अब ग्राम पंचायतों के माध्यम से विशेष अनुदान का उपयोग किया जा सकेगा. राज्य के ग्रामीण विकास विभाग ने ‘ग्राम पंचायतों में जन सुविधाओं के लिए विशेष अनुदान’ योजना के तहत कामों का दायरा बढ़ाने को मंजूरी दी है. इस निर्णय से ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में आवश्यक मरम्मत, बिजली, शौचालय, सुरक्षा तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास का रास्ता साफ हुआ है.
29 सितंबर को जारी शासन निर्णय के अनुसार जिला परिषद स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए विभिन्न प्रकार के काम इस योजना में शामिल किए गए हैं. स्थानीय स्तर पर निधि उपलब्ध होने से जिन स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में तत्काल मरम्मत या बुनियादी सुविधाओं की जरूरत है, वहां काम को गति मिलने की उम्मीद है.
* इन कामों के लिए मिलेगा अनुदान
योजना के तहत स्कूल या आंगनवाड़ी केंद्रों में जरूरत के अनुसार अलग-अलग काम किए जा सकेंगे. इसमें नए भवन अथवा कक्षा का निर्माण, मरम्मत और रंग-रोगन के लिए पांच लाख रुपये तक खर्च किए जा सकेंगे. इसी तरह शौचालय के निर्माण अथवा मरम्मत के लिए तीन लाख रुपये तक का प्रावधान किया गया है. स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में बिजली सुविधा तथा सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित करने के लिए पांच लाख रुपये तक खर्च किए जा सकेंगे. विद्यार्थियों और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा दीवार के निर्माण के लिए पांच लाख रुपये तक तथा सीसीटीवी और अग्निशमन उपकरणों के लिए तीन लाख रुपये तक खर्च किए जा सकेंगे.
* गांव स्तर पर मजबूत होंगी सुविधाएं
ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों की शिक्षा और पोषण व्यवस्था के प्रमुख केंद्र हैं. कई स्थानों पर भवन की मरम्मत, शौचालय, बिजली, सुरक्षा दीवार अथवा अन्य बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता रहती है. ऐसे कामों के लिए अब ग्राम पंचायत स्तर पर उपलब्ध इस विशेष अनुदान का उपयोग किया जा सकेगा. इससे स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्रों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ग्राम पंचायतों के पास एक अतिरिक्त वित्तीय विकल्प उपलब्ध होगा. साथ ही संबंधित विभागों की योजनाओं और प्रावधानों के माध्यम से मिलने वाली निधि का भी उपयोग किया जा सकेगा.
* तत्काल जरूरत वाले कामों को मिलेगी गति
जिन ग्रामीण स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में तत्काल मरम्मत, शौचालय, बिजली, सौर ऊर्जा या सुरक्षा संबंधी सुविधाओं की आवश्यकता है, वहां जिला नियोजन समिति (डीपीसी) से उपलब्ध निधि के साथ इस योजना के प्रावधानों का उपयोग किया जा सकेगा. ग्राम पंचायतों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर आवश्यक सार्वजनिक सुविधाओं के विकास को गति देना, ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और विकास कार्यों का दायरा बढ़ाना इस निर्णय का प्रमुख उद्देश्य है.
* शिक्षा और बाल विकास सुविधाओं पर जोर
विशेष अनुदान के दायरे में स्कूलों और आंगनवाड़ियों को शामिल किए जाने से ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं में सुधार की उम्मीद है. भवनों की मरम्मत से लेकर शौचालय, बिजली, सौर ऊर्जा और सुरक्षा व्यवस्था तक के काम स्थानीय स्तर पर किए जा सकेंगे. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल एवं आंगनवाड़ी के बुनियादी ढांचे के विकास को और गति मिलने की संभावना है.





