अंबानगरी की पहचान मिटाकर बना दिया ऑरेंज सिटी
हवाई अड्डे के दर्शनी हिस्से में संतरे की प्रतिकृति स्थापित करने से मचा बवाल

बेलोरा हवाई अड्डा प्रबंधन के खिलाफ शहर में नाराजगी
अमरावती /दि.5– राज्य की उपराजधानी नागपुर देश-दुनिया में ऑरेंज सिटी के रुप में जानी जाती हैं. हालांकि अमरावती जिले में वरुड व मोर्शी को संतरे का कैलिफोर्निया कहा जाता है. अमरावती की पहचान अंबादेवी-एकवीरा देवी मंदिर के रुप में है. अमरावती को अंबानगरी कहा जाता है. विश्व के नक्शे पर अंबादेवी की पहचान मिटाकर ऑरेंज सिटी का नाम देकर बेलोरा हवाई अड्डा प्रबंधन ने उल्टा-पुल्टा किया है. जिससे शहर में नाराजगी व्यक्त की जा रही है.
अमरावती जिले में मर्यादित स्थानों पर संतरा उत्पादन होता है. आजादी के 75 साल बाद भी एक अदद संतरा प्रक्रिया प्रकल्प शुरु नहीं हो पाया. संतरा नगरी वरुड व मोर्शी अपना अस्तित्व खो रही है. संतरा उत्पादक प्रकृति व सरकार की मार के आगे रास्ता बदल रहे है. ऐसे में संतरा उत्पादकों व समस्त शहरवासियों के जख्मों पर नमक छिडकते हुए हवाई अड्डे के दर्शनी हिस्से में संतरे के प्रतिकृति स्थापित कर वेलकम टू ऑरेंज सिटी अमरावती अंकित किया गया है. जिले में वरुड, मोर्शी, चांदुर बाजार व अचलपुर में कुछ स्थानों पर संतरा उत्पादन होता है. संतरे को अच्छे दाम न मिलने और प्रकृति की मार के चलते संतरा उत्पादन दिन ब दिन घटता जा रहा है. वहीं नागपुर की पहचान आज भी ऑरेंज सिटी के रुप में है. बेलोरा हवाई अड्डे पर नागपुर का प्रतिनाम ऑरेंज सिटी अंकित कर अंबानगरी की पहचान मिटाने की कोशिश की गई है. देश-विदेशों में अमरावती बनाम अंबानगरी की बजाय ऑरेंज सिटी नाम प्रचारित किया गया है. यह किसके दिमाग की उपज है, यह समझ से परे है.
* नामकरण को लेकर उपेक्षा
बेलोरा हवाई अड्डे को डॉ. पंजाबराव देशमुख, राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज का नाम देने की मांग हुई थी. सरकार ने इसकी उपेक्षा की. आज भी बेलोरा हवाई अड्डे के रुप में नामकरण है. दूसरी ओर जमीनी हकीकत से दूर अंबानगरी का परस्पर ऑरेंज सिटी के रुप में नामकरण कर दिया है. संतरे की प्रतिकृति अमरावतीवासियों को चिढा रही है. नागपुर ऑरेंज सिटी रहने के बाद वह नाम अमरावती पर जबरन थोपे जाने को लेकर आश्चर्य व नाराजगी व्यक्त की जा रही है.
* केवल एक फेरी
बेलोरा हवाई अड्डा शुरु होने के बाद से केवल मुंबई के लिए फेरी हो रही है. दो साल बीतने पर भी हवाई सेवा का विस्तार नहीं हुआ है. अमरावती-मुंबई फेरी में भी सतराशे विघ्न आते है. हवाई अड्डे पर अभी तक नाइट लैंडिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं हुई है. पुणे, हैदराबाद, दिल्ली, कोलकाता के लिए हवाई सेवा के दारे पूरी तरह से फेल हो चुके है. अपनी नाकामी और असफलता ढाकने के लिए महाराष्ट्र विमानतल विकास कंपनी ने अंबानगरी को संतरा नगरी बनाकर ध्यान भटकाने की कोशिश की गई है. यह प्रतिकृति किसी भी एंगल से संतरा नहीं लग रही है. बेवजह ऑरेंज सिटी नाम अमरावती को जोड दिया है. इसका विरोध शुरु हो गया है.





