कुमकुम मोहोड बनीं जसपाल राणा पुरस्कार की पहली मानकरी
एशियाई खेलों में दो स्वर्ण समेत तीन पदक जीतने पर भारतीय ओलंपिक संघ ने किया सम्मानित

लॉस एंजेलिस ओलंपिक का कोटा भी दिलाया
अमरावती/दि. 8 – जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई खेलों में ऐतिहासिक प्रदर्शन करने वाली अमरावती की 17 वर्षीय तीरंदाज कुमकुम मोहोड को भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) द्वारा शुरू किए गए प्रतिष्ठित ‘जसपाल राणा पुरस्कार’ का पहला प्राप्तकर्ता चुना गया है. एशियाई खेलों में उनके शानदार प्रदर्शन को देखते हुए आईओए ने यह सम्मान प्रदान करने की घोषणा की है.
भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष डॉ. पी. टी. उषा ने भारतीय खेल जगत के दो दिग्गजों की स्मृति में नए पुरस्कारों की घोषणा की है. इसके तहत सर्वश्रेष्ठ पुरुष खिलाड़ी को ‘राजा रणधीर सिंह पुरस्कार’ तथा सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी को ‘जसपाल राणा पुरस्कार’ दिया जाएगा. कुमकुम मोहोड इस पुरस्कार की पहली मानकरी बनी हैं.
एशियाई खेलों में पदार्पण करते हुए कुमकुम ने दो स्वर्ण और एक अन्य पदक सहित कुल तीन पदक जीतकर देशभर का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया. उन्होंने अंकिता भाकत और कीर्ति के साथ महिला रिकर्व टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता. इस जीत के साथ भारत ने 1998 बैंकॉक एशियाई खेलों से चली आ रही दक्षिण कोरिया की महिला रिकर्व स्पर्धा में सात स्वर्ण पदकों की लगातार श्रृंखला को तोड़ दिया. इसके बाद कुमकुम ने महिला रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया. उनकी इस उपलब्धि के कारण एशियाई खेलों के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि दक्षिण कोरिया महिला रिकर्व वर्ग में बिना स्वर्ण पदक के लौटा. कुमकुम के प्रदर्शन को भारतीय तीरंदाजी के लिए एक नए युग की शुरुआत माना जा रहा है.
आईओए अध्यक्ष डॉ. पी. टी. उषा ने कुमकुम की प्रशंसा करते हुए कहा कि जसपाल राणा पुरस्कार की पहली विजेता के रूप में उनका चयन पूरी तरह उचित है. उन्होंने कहा कि दबावपूर्ण परिस्थितियों में संयम बनाए रखने और कठिन मुकाबलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कुमकुम की क्षमता भारतीय तीरंदाजी के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है. डॉ. उषा ने कहा कि भारतीय तीरंदाज पिछले एक दशक से बड़ी सफलता के बेहद करीब रहे हैं. कुमकुम और उनकी टीम के प्रदर्शन ने भारतीय तीरंदाजी के सामने मौजूद कई मानसिक और तकनीकी बाधाओं को तोड़ा है. उन्होंने विश्वास जताया कि पेरिस ओलंपिक में पदक के करीब पहुंचने के बाद भारत लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 में तीरंदाजी का पदक जीतने का सपना अवश्य पूरा करेगा.
कुमकुम मोहोड की व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्णिम सफलता के कारण भारत को लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 के लिए तीरंदाजी में एक कोटा स्थान भी हासिल हुआ है. अमरावती की इस युवा खिलाड़ी की उपलब्धि से जिले सहित पूरे विदर्भ में खुशी और गर्व का माहौल है.





