घर का बजट संभालकर चलाएं, महंगाई फिर हुई तेज
खुदरा महंगाई दर 5.54% पर पहुंची, नौ महीने के उच्चतम स्तर पर

खाद्य पदार्थों की महंगाई बढ़कर 7.74 फीसद हुई
जनवरी से लगातार ऊपर जा रही महंगाई की दर
नई दिल्ली/दि. 13 – खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते देश में खुदरा महंगाई एक बार फिर तेज हो गई है. सितंबर 2026 में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 5.54 प्रतिशत पर पहुंच गई, जबकि अगस्त में यह 4.83 प्रतिशत थी. केंद्र सरकार की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, नई सूचकांक श्रृंखला में सितंबर की महंगाई दर अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गई है. इस वर्ष जनवरी से महंगाई का ग्राफ लगातार ऊपर की ओर बढ़ रहा है, जिससे आम परिवारों के घरेलू बजट पर दबाव बढ़ने की आशंका है.
खुदरा महंगाई दर के आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी 2026 में यह 2.75 प्रतिशत थी. फरवरी में बढ़कर 3.21 प्रतिशत, मार्च में 3.40 प्रतिशत और अप्रैल में 3.48 प्रतिशत हो गई. मई में महंगाई दर 3.93 प्रतिशत, जून में 4.38 प्रतिशत और जुलाई में 4.45 प्रतिशत दर्ज की गई. अगस्त में यह बढ़कर 4.83 प्रतिशत और सितंबर में 5.54 प्रतिशत तक पहुंच गई.
* खाद्य पदार्थों की महंगाई 7.74 प्रतिशत
महंगाई बढ़ने में खाद्य पदार्थों की कीमतों की अहम भूमिका रही है. सितंबर में खाद्य पदार्थों के समूह की महंगाई दर बढ़कर 7.74 प्रतिशत पर पहुंच गई. खाने-पीने की वस्तुओं के दाम बढ़ने से परिवारों के मासिक खर्च का हिसाब बिगड़ सकता है. विशेष रूप से सीमित आय वाले परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए अपने बजट में कटौती करनी पड़ सकती है.
* ब्याज दरों पर भी महंगाई का दबाव
खबर में दिए गए विवरण के अनुसार, महंगाई के दबाव को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने पिछले सप्ताह प्रमुख नीतिगत दर में 25 आधार अंक की वृद्धि की, जिससे यह दर 5.50 प्रतिशत हो गई. महंगाई का रुख और उसे नियंत्रित करने के उपाय आगामी मौद्रिक नीति के लिए महत्वपूर्ण होंगे.
खुदरा महंगाई में लगातार हो रही बढ़ोतरी के बीच सरकार और रिजर्व बैंक के सामने कीमतों को नियंत्रित रखने की चुनौती रहेगी. आने वाले महीनों में खाद्य पदार्थों के दाम और महंगाई की दिशा पर विशेष नजर रहेगी. यदि कीमतों में तेजी जारी रहती है, तो आम उपभोक्ताओं की क्रयशक्ति पर भी असर पड़ सकता है.
महीना खुदरा महंगाई दर
जनवरी 2026 2.75%
फरवरी 2026 3.21%
मार्च 2026 3.40%
अप्रैल 2026 3.48%
मई 2026 3.93%
जून 2026 4.38%
जुलाई 2026 4.45%
अगस्त 2026 4.83%
सितंबर 2026 5.54%





