मंगरुल की मंगलामाता: माहुर का उपशक्ति पीठ

संतों की तपोभूमि में विराजमान हैं भगवती मंगला माता

नवरात्रि में उमड़ते हैं श्रद्धालु
मंगरुल दस्तगीर /दि.15- धामनगांव रेलवे तहसील के मंगरुल दत्त गांव में स्थित भगवती मंगला माता का प्राचीन मंदिर श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र है. संतों और महापुरुषों की जन्मभूमि रहे इस गांव से लगभग एक किलोमीटर पश्चिम दिशा में स्थित यह मंदिर पूर्वाभिमुख है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह स्थान माहुर की रेणुकामाता का उपशक्ति पीठ माना जाता है. नवरात्रि के अवसर पर यहां विशेष धार्मिक आयोजन किए जाते हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं.

* रेणुकामाता से जुड़ी है धार्मिक मान्यता
मान्यता है कि रेणुकामाता ने मंगलधाम क्षेत्र में निवास करने का दर्शन दिया था. इसी परंपरा के अनुसार, प्रतिवर्ष चैत्र शुक्ल चतुर्दशी को यहां कुलाचार का उत्सव मनाया जाता है. मंगला माता को भवानी माता के नाम से भी जाना जाता है. श्रद्धालुओं का विश्वास है कि माहुर की रेणुकामाता से मांगी गई मन्नतें यहां मंगला माता के दर्शन और पूजा-अर्चना से भी पूरी होती हैं. इसी मान्यता के चलते इस मंदिर का धार्मिक महत्व विशेष माना जाता है.

* देश में दो प्रमुख स्थानों पर मंगला देवी का स्थान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मंगला देवी के प्रमुख स्थानों में काशी क्षेत्र की मंगलागौरी और मंगरुल दत्त का मंगला माता मंदिर शामिल हैं. इस प्राचीन देवस्थान के कारण मंगरुल गांव को धार्मिक पहचान मिली है. नवरात्रि के दौरान मंदिर में भक्तिमय वातावरण रहता है और श्रद्धालु माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं.

* गुरु गोलवलकर ने भी किए थे दर्शन
वर्ष 1942 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दूसरे सरसंघचालक पूजनीय माधव सदाशिव गोलवलकर, जिन्हें गुरुजी के नाम से जाना जाता है, मंगरुल की संघ शाखा का निरीक्षण करने आए थे. इस दौरान उन्होंने भगवती मंगला माता के दर्शन भी किए थे. यह प्रसंग मंदिर के इतिहास से जुड़ी महत्वपूर्ण स्मृतियों में गिना जाता है.

* संतों की जन्मभूमि से जुड़ा है मंदिर
मंगरुल गांव को संतों और महापुरुषों की जन्मभूमि होने का गौरव प्राप्त है. संत लहानुजी महाराज और संत गणपति महाराज का जन्म भी इसी गांव में हुआ था. धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराओं से समृद्ध इस क्षेत्र में मंगला माता मंदिर श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है.

* नवरात्रि उत्सव की तैयारियां
मंगला माता देवस्थान में नवरात्रि उत्सव की जिम्मेदारी मंदिर प्रबंधन समिति और पुजारियों द्वारा संभाली जा रही है. देवस्थान के प्रबंधक एवं सेवा अध्यक्ष प्रभाकर खानजोड़े, उपाध्यक्ष दिवाकर देशपांडे, सचिव रवींद्र देशपांडे, संयुक्त सचिव प्रशांत शेटे, कोषाध्यक्ष राजेश सोनी तथा ट्रस्टी जुगलकिशोर मुंदड़ा, प्रदीप फड़नवीस और शरदचंद्र देशपांडे उत्सव की व्यवस्थाओं में जुटे हैं. इसके साथ ही मुख्य पुजारी मोहन देव, विवेक देव, भूषण पिंपले, सुदाम जम्भूरे और वैभव पोतदार धार्मिक अनुष्ठानों एवं पूजा-अर्चना की व्यवस्था संभाल रहे हैं. नवरात्रि के दौरान मंदिर में भक्तिभाव और धार्मिक उत्साह का वातावरण बना हुआ है.

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