दशहरे पर महंगे होंगे फूल, प्लास्टिक की मालाओं की ओर बढ़ा ग्राहकों का रुझान

पानी की कमी और अक्टूबर की बढ़ती गर्मी से फूलों की खेती प्रभावित

उत्पादन घटने से कीमतों में और उछाल की आशंका
अमरावती/दि.15 – अक्टूबर महीने में बढ़ती गर्मी और पानी की कमी का असर अब फूलों की खेती पर दिखाई देने लगा है. पानी के अभाव में फूलों के पौधे मुरझा रहे हैं, जिससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है. दूसरी ओर, नवरात्रि और दशहरे के चलते फूलों की मांग लगातार बढ़ रही है. ऐसे में आवक कम होने और मांग बढ़ने के कारण आगामी त्योहारों के दौरान फूलों की कीमतों में और वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है. महंगे फूलों से बचने के लिए कई ग्राहक अभी से प्लास्टिक की फूलों की मालाओं और तोरणों की खरीदारी करने लगे हैं.

* धार्मिक आयोजनों में फूलों की बढ़ती मांग
नवरात्रि और दशहरे के दौरान गेंदे, गुलाब, गुलदाउदी सहित विभिन्न प्रकार के फूलों की मांग बढ़ जाती है. देवी-देवताओं की पूजा, घटस्थापना, मंदिरों की सजावट और धार्मिक कार्यक्रमों में फूलों का विशेष महत्व है. दशहरे पर घरों के दरवाजों पर गेंदे की माला लगाने की परंपरा भी है. इसके अलावा सार्वजनिक उत्सवों और अन्य धार्मिक आयोजनों में भी फूलों का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है. त्योहारों के चलते बाजार में फूलों की खरीदारी बढ़ रही है, लेकिन पानी की कमी के कारण उत्पादन प्रभावित होने से बाजार में फूलों की आवक कम रहने की आशंका है. इससे आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं.

* फूलों की खेती बचाने के लिए किसानों की मशक्कत
कम बारिश और बढ़ते तापमान के कारण फूलों की फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ा है. फूलों के पौधों को नियमित पानी की आवश्यकता होती है, लेकिन पर्याप्त पानी नहीं मिलने से पौधों की वृद्धि रुक रही है और कलियां भी गिरने लगी हैं. फसल को बचाने के लिए कुछ किसानों को स्प्रिंकलर जैसी सिंचाई व्यवस्था का सहारा लेना पड़ रहा है. इससे पानी, मजदूरी और खेती की अन्य लागतों में वृद्धि हुई है.

* प्लास्टिक की मालाओं और तोरणों की बिक्री तेज
प्राकृतिक फूलों की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए ग्राहक अब प्लास्टिक की फूलों की मालाओं, कृत्रिम हार और तोरणों को विकल्प के रूप में अपना रहे हैं. घरों और दुकानों की सजावट के लिए इनका इस्तेमाल बढ़ रहा है. दशहरे और दिवाली के नजदीक आने के साथ कृत्रिम सजावटी सामग्री की मांग में और तेजी आने की संभावना है.

* आम नागरिकों की जेब पर पड़ेगा असर
ग्राहक प्रकाश चौहान के अनुसार, त्योहारों का मौसम शुरू हो गया है और फूलों की मांग बढ़ने से उनकी कीमतें भी बढ़ रही हैं. इससे आम नागरिकों की जेब पर असर पड़ रहा है. वहीं, अमरावती के फूल विक्रेता राजेंद्र महाजन का कहना है कि दुर्गा पूजा, दशहरा और दिवाली के कारण आने वाले दिनों में फूलों की मांग और बढ़ेगी. उत्पादन में कमी तथा बाजार में आवक प्रभावित होने के चलते फूलों की कीमतों में और बढ़ोतरी होने की संभावना है.

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