जल संरक्षण के लिए 31 अक्टूबर को होगी महावक्तृत्व प्रतियोगिता
अमरावती विभाग के पांचों जिलों के महाविद्यालयों में आयोजन की मांग

प्राकृतिक जलस्रोतों और पानी के मितव्ययी उपयोग पर होगा जनजागरण
अमरावती/दि.16 – इस वर्ष कम बारिश और संभावित जल संकट की स्थिति को देखते हुए जल संरक्षण के प्रति जनजागृति पैदा करने के उद्देश्य से सावली आदिवासी बहुउद्देशीय विकास संस्था, अचलपुर की ओर से 31 अक्टूबर को महावक्तृत्व प्रतियोगिता आयोजित करने की पहल की गई है. प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक जलस्रोतों, वर्तमान जल भंडारण क्षमता और उपलब्ध पानी का मितव्ययिता से उपयोग करने के प्रति विद्यार्थियों एवं समाज में जागरूकता पैदा करना है.
इस संबंध में संस्था के अध्यक्ष सुखदेव लिलाबाई शामरावजी पवार ने 15 अक्टूबर को शिक्षण उपसंचालक, विभागीय कार्यालय अमरावती को निवेदन सौंपा है. इसमें अमरावती विभाग के पांचों जिलों के महाविद्यालयों में प्रतियोगिता आयोजित करने तथा संबंधित महाविद्यालयों से आयोजन की रिपोर्ट मंगवाने की मांग की गई है.
* कम बारिश से जल संकट की आशंका
निवेदन में कहा गया है कि अल नीनो के प्रभाव और कम वर्षा के कारण महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न हिस्सों में जल संकट की आशंका बढ़ गई है. इस वर्ष कम बारिश होने से प्राकृतिक जलस्रोतों और उपलब्ध जल भंडारण पर दबाव बढ़ा है. ऐसी स्थिति में नागरिकों को पीने के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही अन्य कार्यों में पानी का सीमित और विवेकपूर्ण उपयोग करना आवश्यक है. संस्था का कहना है कि जल संरक्षण के प्रति जागरूकता केवल किसी एक विभाग या संगठन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसमें विद्यार्थियों, शिक्षकों, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है. इसी उद्देश्य से महावक्तृत्व प्रतियोगिता के माध्यम से जल संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है.
* पांच जिलों के महाविद्यालयों में आयोजन की पहल
अमरावती विभाग के अमरावती, अकोला, बुलढाणा, यवतमाल और वाशिम जिलों के महाविद्यालयों में प्रतियोगिता आयोजित करने की मांग की गई है. इस संबंध में संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय के कुलगुरु को भी निवेदन दिया गया है. साथ ही जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा की गई है. इसके अतिरिक्त अमरावती जिले के प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग तथा महिला एवं बाल कल्याण विभाग को भी निवेदन सौंपे गए हैं. संस्था जल संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत संगठनों और विभिन्न मीडिया माध्यमों के जरिए भी इस अभियान का संदेश व्यापक स्तर पर पहुंचाने का प्रयास कर रही है.
* आंगनवाड़ी से महाविद्यालयों तक सहभागिता की अपील
सावली आदिवासी बहुउद्देशीय विकास संस्था ने आंगनवाड़ी, प्राथमिक विद्यालयों, माध्यमिक विद्यालयों, महाविद्यालयों और जल संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाली सभी संस्थाओं से इस अभियान में सहभागी होने की अपील की है. संस्था के अध्यक्ष सुखदेव पवार ने कहा कि जल संकट जैसी गंभीर चुनौती का सामना करने के लिए सभी को अपनी जिम्मेदारी और कर्तव्य का एहसास होना चाहिए. जल जीवन मिशन, जलयुक्त शिवार अभियान तथा मृद एवं जलसंधारण विभाग के सहयोग से जल संरक्षण के प्रयासों को जनसहभागिता के माध्यम से प्रभावी बनाया जा सकता है. उन्होंने संबंधित विभागों, शैक्षणिक संस्थाओं और सामाजिक संगठनों से 31 अक्टूबर को प्रस्तावित महावक्तृत्व प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए हर स्तर पर सहयोग करने का आग्रह किया है.





