रास गरबा महोत्सव ने रचा इतिहास
नारी शक्ति और बेहतरीन टीमवर्क की हर तरफ सराहना

* गौड़ ब्राह्मण सखी मंच
अमरावती/दि.17 – गौड़ ब्राह्मण सखी मंच द्वारा आयोजित भव्य रास गरबा महोत्सव पूरे उत्साह, उमंग और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ. इस गरिमामयी और भव्य आयोजन ने न केवल समाज को एकता के सूत्र में पिरोने का काम किया, बल्कि अमरावती के सामाजिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय भी जोड़ दिया. कार्यक्रम को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए ब्राह्मण सेवा समिति के पदाधिकारियों और सखी मंच की बहनों का पूरे समाज की ओर से आभार व्यक्त किया गया है.
* 101 किलो साबूदाने की खिचड़ी का महाप्रसाद
इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण और विशेष उपलब्धि रही ’101 किलो साबूदाने की खिचड़ी’ का महाप्रसाद. सखी मंच की बहनों ने न केवल इस महाप्रसाद को तैयार किया, बल्कि अत्यंत व्यवस्थित तरीके से इसका वितरण भी सुनिश्चित किया. उपस्थित श्रद्धालुओं और समाजजनों ने इस महाप्रसाद को ग्रहण किया और दोनों समितियों के प्रबंधन की दिल खोलकर तारीफ की.
* नारी शक्ति और सामाजिक एकता का अनूठा उदाहरण
यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि गौड़ ब्राह्मण समाज में नारी शक्ति को आगे बढ़ाने और समाज को मजबूत करने का एक सुनहरा अवसर साबित हुआ. ’जय परशुराम’ और ’जय माता दी’ के जयघोष से पूरा पंडाल गुंजायमान रहा.
* इन्होंने संभाली व्यवस्था और नेतृत्व
इतने बड़े पैमाने पर आयोजित इस महोत्सव में व्यवस्था का जिम्मा और सफल मार्गदर्शन ब्राह्मण सेवा समिति के प्रमुख सदस्यों ने पूरी सूझबूझ से संभाला. समिति की ओर से अशोकजी जोशी, दीपकजी जोशी, राजेश दुबे, अनिलजी तिवारी, हेमंतजी चोबे, संजय जी शर्मा, आनंदजी शर्मा अनिलजी शर्मा, सुभाष जी शर्मा, सुरेश भाऊ नारीया, गोविंदजी शर्मा, विजय कुमार शर्मा, पवन जी भिंडा और आशुतोष जी शर्मा ने अग्रिम भूमिका निभाई.
वहीं, सखी मंच की टीम से यशिता भाभी चौबे, शीतल पांडे, लक्ष्मी शर्मा, सुनीता शर्मा, सोनू चौबे, राधिका मिश्रा, राधिका शर्मा, नीलिमा शर्मा, प्रेमलता शर्मा, रुचि शर्मा, निकिता मिश्रा, दिशा शर्मा, लता मिश्रा, हेमा शर्मा, मीणा उपाध्याय, सीमा शर्मा, पूजा शर्मा, भाविका शर्मा, प्रज्ञा शर्मा, स्फूर्ति शर्मा, अपर्णा शर्मा, सोनल शर्मा, गुंजन तिवारी और बबीता चौबे सहित मंच की सभी मातृशक्तियों ने पंडाल में उमड़ी भारी भीड़ के बावजूद अपने निस्वार्थ समर्पण, सूझबूझ और बेहतरीन टीमवर्क से हर व्यवस्था को सुचारू व अनुशासित बनाए रखा.





