त्योहारों में शहर के बाजारों में रौनक बढी, यातायात व्यवस्था चरमराई
ठेले वालों के अतिक्रमण से लगा जाम

* यातायात पुलिस की नदारदगी से जनता बेहाल
* आधा किलोमीटर के लिए लग रहा आधा घंटा
अमरावती/दि.17 – त्योहारों का मौसम शुरु होते ही शहर के बाजारों में रौनक बढ गई है, लेकिन इसके साथ ही यातायात व्यवस्था भी चरमराने लगी है. सडकों पर सब्जी-फल के ठेले, फुटपाथ पर दुकाने, बेतरतीब पार्किंग और यातायात पुलिस की कथित लापरवाही के कारण नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड रहा है. हालात ऐसे हैं कि, आधा किलोमीटर की दूरी तय करने में भी आधा घंटा लग रहा है. शहर के प्रमुख चौक और व्यावसायिक मार्ग शाम होते ही जाम की चपेट में आ रहे है.
उल्लेखनीय है कि, अमरावती में यातायात की समस्या सालभर बनी रहती है. लेकिन त्योहारों के दौरान बाजारों में बढने वाली भीड और अतिक्रमण से स्थिति और बिगड जाती है. इर्विन चौक से मालवीय चौक, जयस्तंभ चौक, श्याम चौक, राजकमल चौक, राजापेठ और बडनेरा रोड पर साईनगर के बेनाम चौक तक वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि, त्योहारों के दौरान यातायात सुचारु रखने के लिए प्रशासन की ओर से पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए जा रहे हैं?
* इर्विन से राजकमल चौक तक अतिक्रमण का जाल
शहर के प्रमुख व्यावसायिक मार्गों पर ठेलेवालों और फुटपाथ पर दुकाने लगाने वालों की संख्या बढने से सडके संकरी हो गई है. इर्विन चौक से मालवीय चौक, जयस्तंभ चौक, श्याम चौक और राजकमल चौक तक खरीददारों के लिए आने वाले नागरिकों की भीड के बीच वाहनों को निकलने में परेशानी होती है. आगे राजापेठ से साईनगर के बेनाम चौक तक भी यातायात का दबाव बना रहता है.
* शाम 5 बजे के बाद बिगडते हैं हालात
– त्योहारों में खरीददारी के लिए अधिकांश लोग शाम को बाजार पहुंचते है.
– शाम 5 से 6 बजे के बाद राजकमल चौक, श्याम चौक, जयस्तंभ चौक, जवाहर गेट और इतवारा क्षेत्र में वाहनों का दबाव बढ जाता है.
– नागरिकों की शिकायत है कि, कई स्थानों पर यातायात पुलिस के जवान दिखाई नहीं देते.
– जहां मौजूद होते हैं, वहां भी यातायात नियंत्रित करने के पर्याप्त प्रयास नजर नहीं आते.
* गोपाल नगर चौक पर निर्माण से बढा संकट
– सातुर्णा से गोपाल नगर की ओर जाने वाले मार्ग पर सडक निर्माण कार्य के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है.
– इसके चलते साईनगर, भक्तिधाम, तापडिया सिटी सेंटर और डी-मार्ट जाने वाले लोगों को जाम का सामना करना पडता है.
– बडनेरा रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों की परेशानी भी बढ गई है. सामान्यत: 15 मिनट में तय होने वाले रास्ते के लिए ट्रेन छूटने के डर से लोगों को करीब एक घंटा पहले घर से निकलना पड रहा है.
* नवाथे पर चौपाटी का अतिक्रमण
– नवाथे चौक पर शाम के समय नाश्ते की गाडियों और खाद्य पदार्थों के ठेलों के कारण सडक का बडा हिस्सा घिर जाता है.
– इसके साथ ही वाहनों की बेतरतीब पार्किंग से यातायात बाधित होता है. यहां ठेलों के लिए निर्धारित स्थान और पार्किंग की उचित व्यवस्था की जरुरत है.
* आधा किलोमीटर के लिए आधे घंटे की मशक्कत
राजापेठ से राजकमल चौक, शंकर नगर और कंवर नगर, मालवीय चौक से इतवारा, जयस्तंभ चौक से जवाहर गेट तथा टांगा पडाव से गांधी चौक जैसे मार्गों पर छोटी दूरी तय करने में भी काफी समय लग रहा है. जाम में फंसने से नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और जरुरी काम से निकलने वाले नागरिकों का समय बर्बाद हो रहा है.
* बेतरतीब पार्किंग से सडकें हो रही संकरी
शहर के व्यावसायिक क्षेत्रों में व्यवस्थित पार्किंग की कमी के कारण वाहन चालक सडकों के किनारे और दुकानों के सामने वाहन खडे कर देते हैं. इससे वाहनों की आवाजाही के लिए जगह कम हो जाती हैं. त्योहारों के दौरान बाजारों में बढती भीड के बीच यह समस्या और गंभीर हो जाती है.
* मालवीय चौक से इतवारा तक सब्जी-फल के ठेले
मालवीय चौक से इतवारा और पठान चौक की ओर जाने वाले मार्ग पर सब्जी तथा फल विक्रेताओं के ठेलों से यातायात अस्त-व्यस्त हो रहा है. सडक पर जगह कम होने के कारण वाहनों की कतारें लग जाती हैं और कम दूरी तय करने में भी आधा घंटा तक लग रहा है.
* राजापेठ में ठेले, ऑटो और निजी बसों की परेशानी
राजापेठ क्षेत्र में सडक किनारे ठेले, फुटपाथ पर दुकानें और ऑटो की बेतरतीब पार्किंग यातायात को प्रभावित कर रही है. निजी बसें भी यात्रियों के इंतजार में सडक किनारे खडी रहती हैं. इससे राजापेठ से शंकर नगर और कंवर नगर की ओर जाने वाले नागरिकों को जाम में फंसना पडता है.
* ठोस उपाय कब?
त्योहारों से बाजारों की रौनक जरुरी है, लेकिन इसके कारण नागरिकों को घंटों जाम में फंसना नहीं चाहिए. प्रमुख चौकों पर अतिरिक्त यातायात पुलिस की तैनाती, अतिक्रमण पर नियंत्रण, ठेलेवालों के लिए निर्धारित स्थान और व्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था समय की मांग है. अब देखना होगा कि, प्रशासन नागरिकों की परेशानी दूर करने के लिए कब ठोस कदम उठाता है.





