बेसहारा महिला को मिला इंसानियत का सहारा
मैत्री फाउंडेशन और आजाद नवदुर्गा मंडल ने पहुंचाया नंददीप फाउंडेशन के आश्रय केंद्र

* परिवार की तलाश शुरू
चांदूर रेलवे/दि.15 – चांदूर रेलवे शहर में कई दिनों से बेहद दयनीय और बेवारस हालत में जीवन गुजार रही एक अज्ञात महिला को आखिरकार सुरक्षित आश्रय मिल गया. सड़क किनारे और कचरे के ढेर के पास भोजन तलाशकर गुजारा करने वाली इस महिला की स्थिति देखकर मैत्री फाउंडेशन और आजाद नवदुर्गा मंडल के कार्यकर्ताओं ने आगे आते हुए इंसानियत की मिसाल पेश की.
महिला की दयनीय स्थिति की जानकारी मिलने के बाद मैत्री फाउंडेशन के अंकुश जोशी ने पहल करते हुए नंददीप फाउंडेशन से संपर्क किया. इसके बाद अंकुश जोशी, सनी जोशी, विकी राय, प्रशांत भैसे, अब्दुल राजीक और हर्षल वाघ के साथ आजाद नवदुर्गा मंडल के राजू कलावटे, पिंटू पतारिया, पराग वाघ, मंगेश चोरे, सोनू सातपुते और बबलू वैद्य ने महिला की मदद के लिए आगे आकर सेवाकार्य में हिस्सा लिया.
* नंददीप के आश्रय केंद्र में मिला सुरक्षित ठिकाना
नंददीप फाउंडेशन के संदीप शिंदे, अविनाश धनेवार, विजय कुलरकर, दिलीप हजारे, मुरलीधर गबने और विशाल काकडे के सहयोग से महिला को सुरक्षित रूप से नंददीप फाउंडेशन के आश्रय केंद्र में पहुंचाया गया. इस दौरान चांदूर रेलवे पुलिस ने आवश्यक पुलिस प्रक्रिया पूरी करते हुए सहयोग किया. मैत्री फाउंडेशन की ओर से सेवाकार्य में शामिल टीम के भोजन की भी व्यवस्था की गई. आश्रय केंद्र पहुंचने के बाद महिला की साफ-सफाई कराई गई. उसे स्नान कराया गया, बाल कटवाए गए और स्वच्छ कपड़े उपलब्ध कराए गए. महिला की स्थिति को देखते हुए नंदिनी शिंदे ने स्वयं आगे बढ़कर उसकी स्वच्छता और स्नान में मदद की. लंबे समय से उपेक्षित अवस्था में रह रही महिला को अब सम्मान के साथ जीवन जीने का सहारा मिला है.
* मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ करेंगे उपचार
जल्द ही मनोचिकित्सक डॉ. श्रीकांत मेश्राम के मार्गदर्शन में महिला का उपचार शुरू किया जाएगा. साथ ही उसके बारे में जानकारी जुटाकर यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि वह किस राज्य, जिले या गांव की रहने वाली है और उसके परिवार में कौन-कौन हैं. परिवार का पता चलने पर महिला को सुरक्षित रूप से उसके परिजनों तक पहुंचाने का संकल्प भी कार्यकर्ताओं ने लिया है.
* ‘यह सिर्फ मदद नहीं, इंसानियत की जिम्मेदारी है’
नगरसेवक हर्षल वाघ ने कहा कि सड़क पर किसी निराश्रित व्यक्ति को देखकर आगे बढ़ जाना आसान है, लेकिन उसके पास जाकर उसे सहारा देना ही सच्ची इंसानियत है. उन्होंने मैत्री फाउंडेशन, आजाद नवदुर्गा मंडल और नंददीप फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं द्वारा मिलकर किए गए सेवाकार्य की सराहना की. उन्होंने कहा कि महिला को केवल आश्रय उपलब्ध कराना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि उसकी पहचान पता लगाकर परिवार तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए भी प्रयास जारी रहेंगे. समाज के हर संवेदनशील नागरिक को जरूरतमंद और निराश्रित लोगों की मदद के लिए आगे आना चाहिए.





