कठोरा की जिप स्कूल में इको-फ्रेंडली गणपति निर्माण कार्यशाला

विद्यार्थियों ने शाडू मिट्टी से बनाई पर्यावरण अनुकूल गणेश प्रतिमाएं

अमरावती/दि.15 – पर्यावरण अनुकूल गणेशोत्सव मनाने और विद्यार्थियों में प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कठोरा स्थित जिला परिषद उच्च प्राथमिक मराठी स्कूल में एक दिवसीय इको-फ्रेंडली गणपति निर्माण कार्यशाला आयोजित की गई. कल्पतरु बहुउद्देशीय संस्था और राइजिंग कोचिंग क्लासेस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने हाथों से पर्यावरण अनुकूल गणेश प्रतिमाएं तैयार कीं.
कार्यशाला के प्रशिक्षक गजानन पारडकर ने विद्यार्थियों को शाडू मिट्टी और प्राकृतिक सामग्री से गणेश प्रतिमा बनाने का प्रत्यक्ष प्रशिक्षण दिया. बच्चों ने स्वयं मिट्टी को आकार देकर आकर्षक गणेश प्रतिमाएं तैयार कीं. इस दौरान विद्यार्थियों में काफी उत्साह दिखाई दिया. संस्था की अध्यक्षा शारदा विधले अढाऊ ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि, प्लास्टर ऑफ पेरिस और रासायनिक रंगों से बनी गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन से जलस्रोतों और पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है. उन्होंने विद्यार्थियों और उनके परिवारों से पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए शाडू मिट्टी से बनी प्रतिमाओं का उपयोग करने की अपील की.
* उत्कृष्ट प्रतिमा बनाने वाले विद्यार्थियों का सम्मान
कार्यशाला में बेहतर गणेश प्रतिमा तैयार करने वाले विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाने के लिए उन्हें पुरस्कार और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया. स्कूल की प्रधानाध्यापिका अपर्णा सोनटक्के ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि इस तरह के रचनात्मक उपक्रम बच्चों की प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ उनमें सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं. कार्यक्रम का नियोजन संस्था के सचिव अमोल विधले और उपाध्यक्ष आदित्य विधले ने किया. मंच संचालन पल्लवी पांडे ने किया. कार्यशाला को सफल बनाने में शिक्षक राजेंद्र दीक्षित, रामचंद्र चव्हाण तथा शिक्षिका प्रणिता काले (निमकर) का विशेष सहयोग रहा.

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