पॉक्सो मामले में आरोपी गोपाल दहाट की जमानत मंजूर

विशेष पॉक्सो न्यायालय का महत्वपूर्ण आदेश

* एड. आर्यन विश्वकर्मा की प्रभावी पैरवी
अमरावती /दि.25- विशेष पॉक्सों न्यायालय की न्यायाधीश श्रीमती सोनाली एम. कनकदंडे ने पॉक्सो प्रकरण में आरोपी गोपाल दहाट को नियमित जमानत मंजूर करने का महत्वपूर्ण आदेश पारित किया. आरोपी की ओर से अधिवक्ता आर्यन विश्वकर्मा ने प्रभावी पैरवी करते हुए न्यायालय के समक्ष विभिन्न परिस्थितियों और बचाव पक्ष के तर्क प्रस्तुत किए. जानकारी के अनुसार 31 मई 2026 को फ्रेजरपुरा पुलिस थाने में एक महिला की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी. शिकायत में आरेाप लगाया गया था कि 22 अप्रैल 2026 को आरोपी पीडिता के पिता के घर आया और नाश्ता कराने के बहाने उसे अपनी मोपेड पर लेकर गया. इसके बाद आरोपी ने उसे नाश्ता कराया और चपराशीपुरा स्थित कंठाले अस्पताल ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया. आरोप यह भी था कि घटना की जानकारी किसी को देने पर आरोपी ने पीडिता के पिता को जान से मारने की धमकी दी. इस मामले में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था. आरोपी की ओर से अधिवक्ता आर्यन विश्वकर्मा ने जमानत आवेदन पर बहस करते हुए कहा कि आरोपी और पीडिता के परिवार के बीच पहले से विवाद की पृष्ठभूमि है. उन्होंने आरोपों को झूठा बताते हुए आरोपों को मामले में फंसाए जाने की संभावना व्यक्त की. बचाव पक्ष ने न्यायालय को बताया कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और पुलिस द्बारा आरोपपत्र भी न्यायालय में दाखिल किया जा चुकी है. आरोपी की कस्टोडियल इंटेरोगेशन पूरी हो चुकी है तथा जांच के दौरान किसी प्रकार की और जब्ती शेष नहीं है. अधिवक्ता विश्वकर्मा ने घटना की तारीख और शिकायत दर्ज होने के बीच हुए विलंब को भी जमानत के पक्ष में महत्वपूर्ण आधार बताया. उन्होंने तर्क दिया कि शिकायत करने में हुए विलंब के कारण आरोपी को फंसाए जाने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता. सरकारी पक्ष ने जमानत आदेश का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के है. अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को जमानत नहीं दी जानी चाहिए. ऐसी दलील सरकारी पक्ष की ओर से न्यायालय के समक्ष रखी गई. दोनों पक्षों की दलीले सुनने के बाद मामले के विभिन्न पहलुओं पर विचार किया. न्यायालय में आदेश में शिकायत दर्ज कराते हुए विलंब के कारण उत्पन्न होनेवाली परिस्थितियों पर विचार किया. न्यायालय ने आरोपी द्बारा न्यायालय की ओर से निर्धारित की जानेवाली सभी शर्तो एवं निदेर्शो का पालन करने की सहमति को भी ध्यान में रखा. इन परिस्थितियों के आधार पर विशेष पॉक्सों न्यायालय ने आरेापी गोपाल दहाट को नियमित जमानत मंजूर करने का आदेश पारित किया. इस प्रकरण में आरोपी की ओर से अधिवक्ता आर्यन विश्वकर्मा ने जमानत आवेदन प्रस्तुत करते हुए न्यायालय के समक्ष प्रभावी युक्तिवाद किया. जिसके बाद आरोपी को नियमित जमानत प्राप्त हुई.

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