मनरेगा में मृत व्यक्ति के नाम पर मजदूरी भुगतान का आरोप
सेवानिवृत्त एएसआई ने की निष्पक्ष जांच की मांग

चिखलदरा/दि.6– चिखलदरा तहसील में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत एक मृत व्यक्ति के नाम पर मजदूरी दर्ज कर सरकारी राशि के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है. सेवानिवृत्त सहायक पुलिस उपनिरीक्षक भास्कर ठाकरे ने इस संबंध में गंभीर आरोप लगाते हुए अमरावती ग्रामीण पुलिस अधीक्षक और उपविभागीय पुलिस अधिकारी (धारणी) से निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
* क्या है मामला?
शिकायतकर्ता तेलखार निवासी भास्कर ठाकरे के मुताबिक वर्ष 2018 में मृत हो चुके एक व्यक्ति के नाम पर 1 मार्च से 14 मार्च 2024 तक 14 दिनों की मजदूरी बोराला ग्राम पंचायत के अंतर्गत ‘गेबियन डैम भीलखेड़ा’ कार्य में दर्ज दिखाई गई. उनका आरोप है कि सरकारी अभिलेखों में हेरफेर कर मृत व्यक्ति के नाम पर फर्जी उपस्थिति दर्ज की गई और साक्ष्यों को मिटाने का प्रयास किया गया.
* आरटीआई से मिली जानकारी पर उठाए सवाल
भास्कर ठाकरे का आरोप है कि सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में तहसील कार्यालय द्वारा पुलिस को गलत जानकारी उपलब्ध कराई गई. उनका कहना है कि मूल शिकायत में 1 से 14 मार्च 2024 की अवधि का उल्लेख था, जबकि जांच के दौरान 23 अगस्त से 29 अगस्त 2024 के बीच सात दिन काम करने संबंधी जानकारी देकर मामले को भटका दिया गया. ठाकरे का आरोप है कि पुलिस ने इसी आधार पर शिकायत का निस्तारण कर दिया.
* तहसीलदार ने आरोपों से किया इनकार
चिखलदरा के तहसीलदार जीवन मोरनकर ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि मृत व्यक्ति के बैंक खाते में किसी प्रकार की राशि जमा नहीं हुई है. उन्होंने बताया कि रोजगार सेवक द्वारा नाम दर्ज किए जाने पर नियमानुसार संबंधित कर्मचारी पर दंडात्मक कार्रवाई की गई है. तहसीलदार का कहना है कि यह शिकायत व्यक्तिगत विवाद के कारण की गई है.
* दोषियों पर कार्रवाई की मांग
सेवानिवृत्त एएसआई भास्कर ठाकरे ने पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने तथा यदि सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है. फिलहाल मामले में उच्च अधिकारियों के स्तर पर शिकायत विचाराधीन है.





