स्वतंत्रता दिवस पर महावितरण की लोकाभिमुख योजनाओं का जागर

अमरावती परिमंडल में 150 से अधिक स्थानों पर जनजागरण अभियान

अमरावती/दि.18 – स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को महावितरण के अमरावती परिमंडल की ओर से विभिन्न लोककल्याणकारी योजनाओं को लेकर व्यापक जनजागरण अभियान चलाया गया. अमरावती और यवतमाल जिलों के स्कूलों, बाजारों, भीड़भाड़ वाले स्थानों, ग्रामसभाओं, कृषि उपज बाजार समितियों तथा व्यापारी संकुलों में 150 से अधिक स्थानों पर महावितरण के अधिकारियों और कर्मचारियों ने नागरिकों से सीधे संवाद कर योजनाओं की जानकारी दी.
मुख्य अभियंता दिलीप दोडके के मार्गदर्शन तथा अधीक्षक अभियंता दीपक देवहाते और रूपेश टेंभुर्णे की पहल पर आयोजित इस अभियान में ‘प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’, ‘स्वयंपूर्ण महाराष्ट्र आवासीय रूफटॉप सोलर योजना’, ‘मागेल त्याला सौर कृषि पंप योजना’ और ‘मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना’ की जानकारी नागरिकों को दी गई. अभियान के दौरान बताया गया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत 3 किलोवाट तक की घरेलू रूफटॉप सोलर परियोजना के लिए केंद्र सरकार की ओर से अधिकतम 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी उपलब्ध है. इसी तरह स्मार्ट योजना के तहत 1 किलोवाट क्षमता की सौर प्रणाली स्थापित करने पर घरेलू ग्राहकों को प्रतिमाह करीब 100 से 120 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध होने में मदद मिलती है. सरकारी सब्सिडी के कारण बिजली बिल के बोझ में बड़ी राहत मिलने के साथ अतिरिक्त बिजली महावितरण को बेचकर आय अर्जित करने का अवसर भी उपभोक्ताओं को मिल सकता है.
अभियान में स्मार्ट मीटर के फायदों की जानकारी भी दी गई. स्मार्ट मीटर के माध्यम से ग्राहक अपने दैनिक बिजली उपयोग की सटीक जानकारी रियल टाइम में प्राप्त कर सकते हैं. दिन के समय बिजली इस्तेमाल करने पर प्रति यूनिट 85 पैसे तक की छूट मिलने तथा हर आधे घंटे में बिजली खपत की जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध होने से उपभोक्ता अपने दैनिक बिजली उपयोग पर प्रभावी नियंत्रण रख सकते हैं. इसके अलावा बिजली लीकेज की जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है. महावितरण की ओर से बताया गया कि स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की शिकायत होने पर उसका समय पर निराकरण किया जाएगा. इस जनजागरण अभियान का उद्देश्य नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के साथ-साथ सौर ऊर्जा और बिजली बचत के प्रति जागरूक करना रहा.
* स्मार्ट योजना में विभिन्न वर्गों के लिए अलग-अलग लाभ
बीपीएल लाभार्थियों को केवल 2 हजार 500 रुपये लाभार्थी हिस्सा देना होगा, जबकि 30 हजार रुपये केंद्र और 17 हजार 500 रुपये राज्य सरकार की ओर से अनुदान दिया जाएगा. अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लाभार्थियों को 5 हजार रुपये हिस्सा देना होगा तथा केंद्र से 30 हजार और राज्य सरकार से 15 हजार रुपये अनुदान मिलेगा. वहीं आर्थिक रूप से पिछड़े सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को 10 हजार रुपये देना होगा, जबकि केंद्र सरकार से 30 हजार और राज्य सरकार से 10 हजार रुपये अनुदान मिलेगा.

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