अमरावती मनपा में सफाई ठेके को लेकर बड़ा विवाद

3 करोड़ के जुर्माने को 15 लाख दिखाने का आरोप

अमरावती /दि.28 – अमरावती मनपा के सफाई विभाग में कथित अनियमितताओं को लेकर एक नया विवाद सामने आया है. आरोप है कि सफाई ठेकेदार कोणार्क इंफ्रास्ट्रक्चर पर वार्ड क्रमांक 1 और 5 में सफाई व्यवस्था में लापरवाही के कारण लगाए गए 3 करोड़ के जुर्माने को नोटशीट में कथित रूप से बदलकर सिर्फ 15 लाख दर्शाया गया. मामले ने मनपा और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है.
यह मामला पहले ही महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र में गूंज चुका है. विधायक धीरज लिंगाड़े और विधायक सुलभा खोडके ने सदन में कोणार्क इंफ्रास्ट्रक्चर और मनपा प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी. जनप्रतिनिधियों के दबाव के बाद राज्य सरकार ने पूरे प्रकरण की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं. इस बीच, सफाई विभाग के अधिकारी डॉ. अजय जाधव, जिन्हें इस मामले का प्रमुख जिम्मेदार बताया जा रहा है, स्वयं विभागीय जांच के दायरे में हैं. इसके बावजूद उनके पद पर बने रहने को लेकर सवाल उठ रहे हैं. हाल ही में हुई मनपा की सामान्य सभा में भी कई सदस्यों ने उनके कार्यों पर आपत्ति जताई थी.
हालांकि, डॉ. अजय जाधव ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कोणार्क कंपनी पर लगाए गए जुर्माने से संबंधित मूल नोटशीट कार्यालय में सुरक्षित है और उसके साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं हुई है. उनके अनुसार सभी दस्तावेज उपलब्ध हैं. दूसरी ओर, 24 जुलाई को मनपा के कुछ अधिकारियों ने आयुक्त डॉ. मंगेश गोंदावले के कार्यालय के बाहर कोणार्क कंपनी के लंबित भुगतान जारी करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. इस घटनाक्रम के बाद पूरे मामले को लेकर संदेह और गहरा गया है. सूत्रों के मुताबिक डॉ. अजय जाधव ने 12 जून को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन भी दिया था. इसके बावजूद उनके पद पर बने रहने और मामले में उनकी भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं. मनपा की अतिरिक्त आयुक्त शिल्पा नाइक ने बताया कि सामान्य सभा के निर्णय के अनुसार डॉ. अजय जाधव को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्णय लिया गया है. यह मामला फिलहाल सामान्य प्रशासन विभाग के विचाराधीन है. फिलहाल विभागीय जांच जारी है और जांच रिपोर्ट के बाद ही पूरे मामले में वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी

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