जमीन लेन-देन मामले में राठी परिवार को बड़ी राहत
नागपुर हाईकोर्ट ने केस किया खारिज

नागपुर/दि.18- अमरावती के चर्चित जमीन लेन-देन मामले में नागपुर खंडपीठ ने राठी परिवार को बड़ी राहत देते हुए धनराज बालकिशन राठी, श्रावण घनश्याम राठी और सुशील घनश्यामदास राठी के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामला तथा उससे संबंधित न्यायालयीन कार्यवाही रद्द कर दी है. हालांकि, मामले के अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी.
यह मामला वर्ष 2022 में सामने आया था, जब डॉ. परेश नारायणदास सोनी ने जमीन के लेन-देन में कथित धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत के आधार पर फ्रेजरपुरा पुलिस थाने में अपराध दर्ज किया गया था. जांच पूरी होने के बाद मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया गया और नियमित आपराधिक प्रकरण शुरू हुआ. राठी परिवार की ओर से अमित डी. भाटे ने नागपुर खंडपीठ में याचिका दायर कर मामला रद्द करने की मांग की. उन्होंने दलील दी कि उनके मुवक्किल केवल जमीन खरीदने वाले पक्ष थे और जांच एजेंसी के पास ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि शुरुआत से ही धोखाधड़ी करने का इरादा था.
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने शिकायत, जांच रिकॉर्ड और दोनों पक्षों की दलीलों का अध्ययन किया. न्यायालय ने पाया कि शिकायत में लगाए गए आरोपों से प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी या फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आवश्यक तत्व स्पष्ट रूप से सिद्ध नहीं होते. अदालत ने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति की केवल लेन-देन में भागीदारी के आधार पर आपराधिक जिम्मेदारी तय नहीं की जा सकती. उर्मिला जोशी-फालके द्वारा दिए गए आदेश के अनुसार राठी परिवार के तीनों सदस्यों के खिलाफ दर्ज मामला और संबंधित न्यायालयीन कार्यवाही रद्द कर दी गई. इससे लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया का सामना कर रहे राठी परिवार को बड़ी राहत मिली है. इस प्रकरण में अमरावती में राठी परिवार की ओर से मुर्तुजा आजाद तथा नागपुर खंडपीठ में अधिवक्ता अमित डी. भाटे ने पैरवी की. न्यायालय ने उनकी दलीलों को स्वीकार करते हुए संबंधित याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कार्यवाही समाप्त करने का आदेश दिया, जबकि अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला पूर्ववत जारी रहेगा.





