ग्राम पंचायतों में अब बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य
कर्मचारियों की लेटलतीफी पर लगेगी लगाम

* अमरावती जिले की 841 ग्राम पंचायतों में लागू होगा सिस्टम
अमरावती /दि.2- ग्राम पंचायत कार्यालयों में कर्मचारियों के समय पर उपस्थित नहीं रहने और ग्रामीणों को घंटों इंतजार करने की शिकायतों पर अब लगाम कसने की तैयारी है. राज्य सरकार ने ग्राम पंचायत कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य कर दी है. इसके तहत अमरावती जिले की सभी 841 ग्राम पंचायतों में आधार आधारित बायोमेट्रिक मशीन लगाने के निर्देश जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को दिए गए हैं.
इस व्यवस्था के लागू होने के बाद कर्मचारियों के देर से आने, समय से पहले कार्यालय छोड़ने और बिना सूचना के अनुपस्थित रहने पर निगरानी रखी जा सकेगी. बायोमेट्रिक हाजिरी का रिकॉर्ड संबंधित अधिकारियों के लॉगिन पर लोकेशन सहित उपलब्ध होगा.
* सुबह 9.45 और शाम 5.55 बजे लगेगी हाजिरी
बायोमेट्रिक व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को दिन में दो बार हाजिरी दर्ज करनी होगी. सुबह 9.45 बजे कार्यालय पहुंचने और शाम 5.55 बजे उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य होगा. इस व्यवस्था में विलेज डेवलपमेंट ऑफिसर, ग्राम पंचायत अधिकारी, कंप्यूटर ऑपरेटर, चपरासी, जलापूर्ति कर्मचारी और ग्राम रोजगार सेवक समेत संबंधित कर्मचारी शामिल होंगे. जिन ग्राम पंचायतों में बिजली अथवा इंटरनेट की समस्या है, वहां टैब के माध्यम से अंगूठे की मदद से हाजिरी दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी.
* रजिस्टर पर हाजिरी लगाने का दौर होगा खत्म
अब तक कुछ ग्राम पंचायतों में कर्मचारी रजिस्टर पर हाजिरी दर्ज कर कार्यालय से अनुपस्थित रहते थे. बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू होने के बाद इस तरह की व्यवस्था पर रोक लगेगी. देर से आने और जल्दी जाने का रिकॉर्ड भी सिस्टम में दर्ज होगा. लगातार अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ वेतन कटौती भी की जा सकती है.
* दो-तीन गांवों की जिम्मेदारी वाले ग्राम सेवकों का सवाल
हालांकि, इस फैसले को लेकर ग्राम पंचायत अधिकारी संघ ने कुछ सवाल भी उठाए हैं. कई ग्राम सेवकों के पास दो से तीन ग्राम पंचायतों की अतिरिक्त जिम्मेदारी है. ऐसे में एक ही स्थान पर बायोमेट्रिक हाजिरी कैसे दर्ज होगी, यह सवाल सामने आया है. संगठन ने प्रशासन से इस समस्या का व्यावहारिक समाधान निकालने की मांग की है.
* नियम नया नहीं, लागू करने में हुई देरी
बायोमेट्रिक हाजिरी का नियम नया नहीं है. वर्ष 2024 में ग्रामीण विकास विभाग के उप सचिव ने सभी संभागीय आयुक्तों को पत्र भेजकर ॠझड और बायोमेट्रिक हाजिरी लागू करने के निर्देश दिए थे. हालांकि, ग्राम सेवक संगठन के विरोध के चलते यह व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू नहीं हो सकी. अब सरकार ने इस मामले में दोबारा सख्ती दिखाई है.
* ग्रामीणों को मिलेगी बड़ी राहत
ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों को जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, विभिन्न प्रमाणपत्र, आवास योजना, शौचालय अनुदान और अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़े कामों के लिए बार-बार कार्यालय जाना पड़ता है. कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित होने से ग्रामीणों को काम के लिए घंटों इंतजार करने से राहत मिलने की उम्मीद है. ग्राम पंचायत संघ के जिला अध्यक्ष आशीष भागवत ने कहा कि ग्राम सेवकों पर पहले से ही काम का अतिरिक्त बोझ है. कई पद रिक्त हैं और ग्राम सेवकों को वरिष्ठ अधिकारियों की बैठकों में भी जाना पड़ता है. ऐसे में प्रत्येक ग्राम पंचायत के लिए अलग अधिकारी उपलब्ध कराया जाना चाहिए और इसके बाद बायोमेट्रिक हाजिरी को अनिवार्य किया जाना चाहिए.





