एनओसी के लिए मांगी रिश्वत, ग्रामसेवक और लिपिक धरे गये
वाडेगांव ग्रामपंचायत कार्यालय परिसर की घटना

अकोला /दि.27- एसीबी के दल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्रामपंचायत वाडेगांव, बालापुर के ग्रामसेवक और लिपिक को 60 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया. दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. गिरफ्तार ग्राम सेवक का नाम योगेश कापकर है, जबकि लिपिक का नाम सुभाष सरप है.
जानकारी के अनुसार योगेश तोताराम कापकर ग्रामपंचायत वाडेगांव में ग्रामसेवक के पद पर कार्यरत है, जबकि सुभाष रामकृष्ण सरप ग्रामपंचायत कार्यालय में लिपिक के रूप में कार्यरत है. शिकायतकर्ता ने अपने छोटे भाई के नाम से वाडेगांव में वैभव वाइन एंड बीयर शॉप शुरू करने के लिए ग्रामपंचायत से आवश्यक एनओसी प्राप्त करने हेतु आवेदन किया था. आरोप है कि ग्रामसेवक योगेश कापकर ने एनओसी जारी करने के बदले एक लाख रुपए रिश्वत की मांग की थी. शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था, इसलिए उसने 8 मई को एसीबी अकोला कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई.
एसीबी द्वारा शिकायत की जांच और सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई. बाद में 13 मई को आरोपी ने समझौते के बाद रिश्वत की राशि घटाकर 60 हजार रुपए कर दी. इसके बाद एसीबी टीम ने ग्रामपंचायत वाडेगांव कार्यालय में जाल बिछाया. सोमवार 25 मई को शिकायतकर्ता रिश्वत की रकम लेकर आरोपी के पास पहुंचा. इस दौरान ग्रामसेवक योगेश कापकर ने शिकायतकर्ता को रकम लिपिक सुभाष सरप को देने के निर्देश दिए. शिकायतकर्ता द्वारा 60 हजार रुपए सौंपते ही एसीबी टीम ने दोनों आरोपियों को रंगेहाथ दबोच लिया. कार्रवाई के दौरान रिश्वत की पूरी रकम जब्त कर ली गई. दोनों आरोपियों के खिलाफ बालापुर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है. यह कार्रवाई एसीबी अधिकारियों बापू बांगर और सचिंद्र शिंदे के मार्गदर्शन में मिलिंदकुमार बहाकर एवं उनकी टीम ने अंजाम दी.





