क्या सिगरेट छोड़ने का इलाज भी बन सकता है परेशानी का कारण?
लंबे समय तक या जरूरत से ज्यादा निकोटीन गम के इस्तेमाल से बढ़ सकता है निकोटीन का स्तर

अमरावती/दि.1 – सिगरेट छोड़ने के लिए निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी दुनिया भर में स्वीकार्य उपचारों में शामिल है. इसके तहत सिगरेट के जरिए मिलने वाले निकोटीन की जगह पैच, गम और लॉजेंज जैसे माध्यमों से नियंत्रित मात्रा में निकोटीन दिया जाता है. हालांकि, बिना चिकित्सकीय सलाह के लंबे समय तक या जरूरत से अधिक निकोटीन गम का इस्तेमाल करने से शरीर में निकोटीन की मात्रा बढ़ सकती है.
* सिगरेट छोड़ने पर क्यों इस्तेमाल होती है निकोटीन गम?
अचानक धूम्रपान बंद करने पर चिड़चिड़ापन, बेचैनी, ध्यान केंद्रित करने में परेशानी और दोबारा सिगरेट पीने की तीव्र इच्छा जैसे निकोटीन विदड्रॉल के लक्षण दिखाई दे सकते हैं. इन लक्षणों को नियंत्रित करने में निकोटीन गम मदद कर सकती है.
* सामान्य गम की तरह लगातार न चबाएं
निकोटीन गम को सामान्य च्यूइंग गम की तरह लगातार चबाने के लिए नहीं बनाया गया है. इसे कुछ देर धीरे-धीरे चबाने के बाद मुंह में झनझनाहट महसूस होने पर गाल और मसूड़े के बीच रखा जाता है. इससे निकोटीन धीरे-धीरे रक्त में अवशोषित होता है.
* अधिक निकोटीन से हो सकते हैं ये लक्षण
जरूरत से ज्यादा निकोटीन लेने पर मतली, उल्टी, चक्कर, सिरदर्द, पेट दर्द, दस्त, कमजोरी, तेज या अनियमित धड़कन तथा मुंह, गले या जबड़े में परेशानी जैसे लक्षण हो सकते हैं.
* क्या एक निकोटीन गम चार सिगरेट जितना खतरनाक है?
सिगरेट पीने पर शरीर में लगभग 1 से 2 मिलीग्राम निकोटीन अवशोषित होने की बात कही जाती है. वहीं 2 मिलीग्राम निकोटीन गम से लगभग 1 मिलीग्राम और 4 मिलीग्राम गम से करीब 2 मिलीग्राम निकोटीन अवशोषित होता है. हालांकि दोनों में निकोटीन शरीर में पहुंचने का तरीका अलग है. सिगरेट का निकोटीन फेफड़ों के माध्यम से कुछ ही मिनटों में तेजी से रक्त में पहुंचता है, जबकि गम से निकोटीन का अवशोषण अपेक्षाकृत धीमा होता है. विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार, निकोटीन गम का इस्तेमाल निर्धारित मात्रा और सही तरीके से करना चाहिए. इसकी खुराक या इस्तेमाल की अवधि को मनमाने ढंग से बढ़ाने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है.





