दूध उत्पादकों से उपभोक्ताओं तक 18 मानकों पर होगी जांच

मिलावट रोकने के लिए एफडीए सख्त

किसानों, कलेक्शन सेंटर और प्रोसेसिंग यूनिट से लेकर बिक्री केंद्र तक गुणवत्ता की होगी पड़ताल
अमरावती/दि.30 – दूध में मिलावट और गुणवत्ता से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जांच का दायरा बढ़ाने का निर्णय लिया है. अब किसानों से दूध संग्रह करने वाले केंद्रों, प्रोसेसिंग सेंटरों और सीधे उपभोक्ताओं तक दूध पहुंचाने वाली संस्थाओं की 18 अलग-अलग मानकों पर जांच की जाएगी. एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे के निर्देश के बाद यह कार्रवाई शुरू की गई है.
एफडीए ने दूध की गुणवत्ता जांच के लिए फॉस्कॉस प्रणाली के माध्यम से 18 मानक निर्धारित किए हैं. इनमें दूध में फैट, एसएनएफ सहित अन्य गुणवत्ता मानकों की जांच तथा बाहरी पदार्थों की मौजूदगी की पड़ताल शामिल है. दूध संग्रह केंद्रों और संबंधित संस्थाओं के लिए इन मानकों का पालन करना आवश्यक होगा.
* दूध संस्थाओं का दोबारा निरीक्षण
मिलावट रोकने के लिए राज्यभर की दूध संग्रह और आपूर्ति करने वाली संस्थाओं का दोबारा निरीक्षण किया जाएगा. इस दौरान दूध की गुणवत्ता के साथ-साथ स्वच्छता और निर्धारित मानकों के पालन की भी जांच होगी. नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्था के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. गंभीर मामलों में संस्था का लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी की जा सकती है.
* घटिया दूध को बाजार में पहुंचने से रोकेंगे
जांच के दौरान घटिया या मिलावटी पाए जाने वाले दूध को जब्त कर नष्ट करने की कार्रवाई की जाएगी. एफडीए का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जांच में अस्वीकृत दूध दोबारा बाजार अथवा किसी प्रोसेसिंग यूनिट तक न पहुंचे. नियमों का उल्लंघन करने वाले केंद्रों के खिलाफ सीलिंग सहित कार्रवाई की जा सकती है.
* धारणी सहित ग्रामीण क्षेत्रों पर भी नजर
एफडीए की कार्रवाई के बावजूद कुछ क्षेत्रों में दूध में मिलावट की शिकायतें सामने आती रही हैं. विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक मुनाफे के लिए दूध की गुणवत्ता से समझौता किए जाने की शिकायतों को लेकर विभाग सतर्क है. मिलावटी दूध के सेवन से आम नागरिकों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए विभाग ने जांच अभियान को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए हैं.
* शिकायत कहां करें?
यदि किसी उपभोक्ता को दूध में मिलावट या उसकी गुणवत्ता को लेकर संदेह है, तो वह खाद्य एवं औषधि प्रशासन के टोल-फ्री नंबर या आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकता है. शिकायत मिलने पर विभाग द्वारा नियमानुसार नमूना लेकर जांच की जा सकती है.

* नियमों का पालन न करने पर कार्रवाई
दूध में मिलावट रोकने के लिए किसानों, कलेक्शन सेंटर और प्रोसेसिंग सेंटर से लेकर सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाले दूध की जांच की जा रही है. निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं करने वाली संस्थाओं के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.
– विनय चव्हाण, संयुक्त आयुक्त, एफडीए.

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