सीएम फडणवीस ने कहा आधिकारिक घोषणा जल्द

राज्य के 56 लाख किसानों के सिर से कर्ज का बोझ उतरा

* महाराष्ट्र कैबिनेट का बडा फैसला
* 36,585 करोड़ रुपये की कर्ज माफी
* योजना को पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर का नाम
* नियम और शर्तों का परिपत्रक शीघ्र
मुंबई/दि.2 – राज्य में विधानसभा चुनाव के नतीजों से प्रतीक्षित किसान कर्ज माफी योजना को आज कैबिनेट बैठक में मंजूरी दे दी गई है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में आज किसान कर्ज माफी पर निर्णय लिया गया. विधान परिषद चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण इसकी घोषणा तुरंत नहीं की जाएगी. सहकारिता विभाग कर्ज माफी के नियमों और शर्तों के संबंध में परिपत्र जारी करेगा. इस योजना से 56 लाख किसानों को लाभ मिलेगा.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि राज्य के किसानों को जून महीने में खुशखबरी मिलेगी और किसान कर्ज माफी का फैसला जून में लिया जाएगा. उसी के अनुसार, आज कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया और सहकारिता विभाग द्वारा नियमों और शर्तों के निर्धारण के बाद कर्ज माफी की प्रक्रिया शुरू होगी. दो लाख रुपये की सीमा में कई किसानों को लाभ पहुंचाने वाली ’पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर कर्ज माफी योजना’ पर आज कैबिनेट बैठक में मुहर लगा दी गई है. बजट सत्र में मुख्यमंत्री द्वारा घोषणा किए जाने के बाद इसके लिए एक समिति गठित की गई थी. उस समिति द्वारा मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद आज कैबिनेट ने योजना को मंजूरी दे दी है. इसके तहत सरकार दो लाख रुपये तक का कर्ज माफ करेगी, जबकि नियमित फसल कर्ज भरने वालों को 50 हजार रुपये का प्रोत्साहन अनुदान दिया जाएगा.
* 56 लाख किसानों को फायदा
विधान परिषद चुनाव की आचार संहिता समाप्त होने के बाद राज्य में यह कर्ज माफी लागू की जाएगी. राज्य कैबिनेट बैठक में कर्ज माफी को मंजूरी दी गई है और यह 36,585 करोड़ रुपये की कर्ज माफी 65 लाख से अधिक कर्ज खातों के लिए होगी. इस निर्णय का सीधा लाभ 56 लाख किसानों को मिलेगा.
* मंत्रिमंडल बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय
– मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना चरण-3 के कार्यों के लिए एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक से 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर के ऋण और राज्य निधि के प्रस्ताव को मंजूरी.
– सड़कों के सुधार के लिए एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक और न्यू डेवलपमेंट बैंक से वित्तीय सहायता. महाराष्ट्र राज्य सड़क सुधार परियोजना को दोनों बैंकों से 8 हजार 700 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी. इससे राज्य में सड़कों के सुधार और विकास को गति मिलेगी.
– हैदराबाद (सिंध) नेशनल कॉलेजिएट यूनिवर्सिटी, मुंबई में छह कॉलेजों को शामिल करने को मंत्रिमंडल की मंजूरी. इसमें प्रिंसिपल के. एम. कुंदनानी कॉलेज ऑफ फार्मेसी, किशनचंद चेलाराम लॉ कॉलेज, श्रीमती मीठीबाई मोतीराम कुंदनानी कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स, ऋषि दयाराम और सेठ हसराम नेशनल एंड सेठ वासिअमल असूमल साइंस कॉलेज और थडोमल साहनी इंजीनियरिंग कॉलेज, मुंबई को घटक कॉलेजों के रूप में शामिल किया जाएगा.


किसान कर्ज माफी की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं – सीएम
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज मंगलवार को मीडिया से संवाद करते हुए ‘मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन’ योजना और ‘किसान कर्ज माफी’ के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं. उन्होंने बताया कि लाडली बहन योजना की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा किए गए ‘केवाईसी’ और डेटाबेस सत्यापन में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. जब योजना शुरू हुई थी, तब महिलाओं को दस्तावेज इकट्ठा करने का समय देने के लिए ‘सेल्फ-सर्टिफिकेशन’ के आधार पर आवेदन करने की छूट दी गई थी. हालांकि, सरकारी धन का ऑडिट होना जरूरी था, इसलिए सरकार ने बाद में आयकर विभाग, सरकारी कर्मचारी वेतन पोर्टल, परिवहन विभाग (चार पहिया वाहनों का स्वामित्व) के डेटाबेस और राशन कार्ड की जानकारी को एकत्रित करके जांच की. जांच में क्या सामने आया? इस जांच में बड़ी संख्या में अपात्र लाभार्थी पाए गए हैं. यह स्पष्ट हुआ है कि 5 लाख महिलाएं सरकारी नौकरी में कार्यरत हैं. 10 लाख लाभार्थियों की वार्षिक आय ढाई लाख रुपये से अधिक पाई गई. 14,000 पुरुषों ने महिलाओं की इस योजना का लाभ उठाया है. केवाईसी न करने वालों के पैसे रुकेंगे मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि पिछले 9 महीनों से लगातार फॉलोअप करने के बावजूद लाखों लाभार्थियों ने केवाईसी नहीं कराई है. संभावना है कि मानदंडों को पूरा न करने के कारण ही उन्होंने केवाईसी से परहेज किया है. इसलिए, ऐसे अपात्र घोषित लोगों और केवाईसी न करने वालों के पैसे अब रोक दिए जाएंगे.

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