चांदूर रेलवे में दूषित पेयजल आपूर्ति की शिकायत एफडीए तक पहुंची
नगर परिषद से मांगी गई कार्रवाई की रिपोर्ट

चांदूर रेलवे/दि.31 – चांदूर रेलवे शहर में कथित रूप से दूषित पेयजल आपूर्ति का मामला अब खाद्य एवं औषधि प्रशासन तक पहुंच गया है. पूर्व नगर परिषद उपाध्यक्ष एवं आम आदमी पार्टी के नेता नितीन गवली ने इस संबंध में एफडीए के अमरावती विभाग में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत पर संज्ञान लेते हुए एफडीए ने मामला नगर परिषद के मुख्याधिकारी को भेजते हुए आवश्यक कार्रवाई कर शिकायतकर्ता को अवगत कराने के निर्देश दिए हैं.
नितीन गवली के अनुसार, जून माह में शहर के पेयजल के 10 नमूने जिला सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशाला, अमरावती में जांच के लिए भेजे गए थे. इनमें से 3 नमूने दूषित पाए गए, जिससे शहर की पेयजल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. जांच रिपोर्ट में जलापूर्ति का नियमित क्लोरीनीकरण, लीकेज वाली पाइपलाइन और वाल्व की मरम्मत तथा ब्लीचिंग पाउडर से जल शुद्धिकरण करने की स्पष्ट सिफारिश की गई थी. इसके बावजूद शहर के कई क्षेत्रों में अब भी गंदा, दूषित और दुर्गंधयुक्त पानी मिलने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं. गवली ने आशंका जताई कि दूषित पानी के कारण नागरिकों में जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. उन्होंने स्वतंत्र जांच, जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई, जलापूर्ति व्यवस्था और पाइपलाइन की जांच, नियमित जल शुद्धिकरण तथा समय-समय पर प्रयोगशाला से पानी की जांच कराने की मांग की है. उन्होंने यह भी कहा कि शहर के अधिकांश होटल नगर परिषद की जलापूर्ति का ही उपयोग करते हैं. ऐसे में यदि पानी दूषित है तो इसका असर बड़ी संख्या में लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है. इसलिए पूरे मामले की गहन जांच जरूरी है.
* एफडीए ने नगर परिषद को भेजा पत्र
एफडीए के अमरावती विभाग के खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. वी. डी. घोंगे ने शिकायत मिलने के बाद नगर परिषद, चांदूर रेलवे के मुख्याधिकारी को पत्र भेजा है. खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत जारी इस पत्र में कहा गया है कि मामला नगर परिषद के अधिकार क्षेत्र का है, इसलिए आवश्यक कार्रवाई कर उसकी जानकारी शिकायतकर्ता को उपलब्ध कराई जाए. नितीन गवली का कहना है कि एफडीए द्वारा शिकायत नगर परिषद को भेजे जाने के सात दिन बाद भी न तो जलापूर्ति व्यवस्था में कोई ठोस सुधार दिखाई दे रहा है और न ही उन्हें कार्रवाई की जानकारी दी गई है. उन्होंने कहा कि नागरिकों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए और प्रशासन को इस मामले में शीघ्र प्रभावी कदम उठाने चाहिए.





