अमरावती संभाग में प्रतिबंधित गुटखा 5 करोड का 68 हजार किलो माल जब्त

एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे की सख्ती का असर

* चार माह में हुई 84 बडी कार्रवाईयां, 81 एफआईआर और 22 वाहन जब्त
* अमरावती संभाग में 94 रिटेल मेडिकल की जांच, 11 होलसेलर्स पर भी पहुंचे एफडीए के अधिकारी
* अमरावती संभाग में खाद्य एवं औषध प्रशासन की ताबड़तोड़ कार्रवाई
* दो मामलों में मकोका प्रस्ताव, 553 खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच, 355 सुधार नोटिस जारी
अमरावती संभाग में दवाओं के 480 आवेदनों का तत्काल निपटारा, केवल 30 मामले प्रलंबित
* जिलाधिकारी कार्यालय में करीब तीन घंटे चली उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
* पांचों जिलों के अधिकारियों से आयुक्त मुंढे ने मांगा जवाब
* खाद्य सुरक्षा, औषध नियंत्रण, शिकायत निवारण और लाइसेंसिंग व्यवस्था की हुई गहन समीक्षा
अमरावती/दि.1- अमरावती संभाग में प्रतिबंधित गुटखा, पान मसाला, सुगंधित तंबाकू तथा अन्य अवैध खाद्य पदार्थों के कारोबार पर खाद्य एवं औषध प्रशासन (एफडीए) ने पिछले चार महीनों में बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है. 1 अप्रैल 2026 से 30 जुलाई 2026 के बीच संभाग के पांचों जिलों अमरावती, अकोला, बुलढाणा, वाशीम और यवतमाल में कुल 84 प्रकरण दर्ज कर 68,528.85 किलोग्राम प्रतिबंधित खाद्य पदार्थ जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 5 करोड़ 60 हजार 223 रुपये से अधिक बताई गई है. कार्रवाई के दौरान 81 एफआईआर दर्ज की गईं, 22 वाहन जब्त किए गए और संगठित अपराध से जुड़े दो मामलों में मकोका लगाने के प्रस्ताव भी भेजे गए हैं.
इन सभी कार्रवाइयों की समीक्षा खाद्य एवं औषध प्रशासन आयुक्त तुकाराम मुंढे ने अमरावती जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में की. लगभग तीन घंटे तक चली इस बैठक में संभाग के सभी जिलों के सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा अधिकारी तथा औषध प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे. बैठक में कानून प्रवर्तन, खाद्य नमूना जांच, शिकायत निवारण, आरटीएस सेवाओं, औषध प्रतिष्ठानों के निरीक्षण तथा प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों के विरुद्ध चलाए गए अभियानों का विस्तृत लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया. चार माह की यह समीक्षा रिपोर्ट स्पष्ट संकेत देती है कि अमरावती संभाग में खाद्य एवं औषध प्रशासन ने अवैध खाद्य कारोबार, मिलावटखोरी और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ व्यापक स्तर पर अभियान चलाया है. करोड़ों रुपये के प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों की जब्ती और दर्जनों एफआईआर इस बात का प्रमाण हैं कि विभाग अब कानून के पालन को लेकर पहले से अधिक आक्रामक और सक्रिय नजर आ रहा है.
* प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों के खिलाफ सबसे बड़ा अभियान, करोड़ों का अवैध माल जब्त
एफडीए द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार चार महीनों के दौरान संभाग में कुल 84 मामलों में कार्रवाई की गई. इन कार्रवाइयों में जब्त की गई प्रतिबंधित सामग्री में मुख्य रूप से गुटखा, पान मसाला, सुगंधित तंबाकू तथा राज्य सरकार द्वारा प्रतिबंधित अन्य खाद्य पदार्थ शामिल हैं. कार्रवाई के दौरान कुल 68.53 टन प्रतिबंधित सामग्री जब्त की गई, जिसकी कीमत 5.00 करोड़ रुपये से अधिक है. साथ ही अवैध परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे 22 वाहनों को भी जब्त किया गया.
* अमरावती सबसे आगे, अकोला में सबसे बड़ी जब्ती
रिपोर्ट के अनुसार अमरावती जिले में सबसे अधिक 26 प्रकरण दर्ज हुए, जबकि अकोला जिले में सबसे अधिक 25,297 किलोग्राम (25.29 टन) प्रतिबंधित खाद्य पदार्थ जब्त किए गए. जिलानिहाय आंकड़ों पर नजर डालें तो, अमरावती में 26 प्रकरण, 21.32 टन माल, 1.09 करोड़ रुपये का स्टॉक, 26 एफआईआर, 7 वाहन जब्त, 1 मकोका प्रस्ताव, अकोला में 14 प्रकरण, 25.29 टन माल, 1.60 करोड़ रुपये का स्टॉक, 14 एफआईआर, 4 वाहन जब्त, बुलढाणा में 19 प्रकरण, 9.34 टन माल, 93.43 लाख रुपये का स्टॉक, 19 एफआईआर, 7 वाहन जब्त, वाशीम में 11 प्रकरण, 10.75 टन माल, 1.07 करोड़ रुपये का स्टॉक तथा यवतमाल में 14 प्रकरण, 1.81 टन माल, 28.79 लाख रुपये का स्टॉक, 1 मकोका प्रस्ताव जैसे आंकडे दर्ज हुए. विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े पैमाने पर जब्ती यह संकेत देती है कि संभाग में प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों का अवैध कारोबार अभी भी सक्रिय है, हालांकि एफडीए की लगातार कार्रवाई से इस नेटवर्क पर दबाव बढ़ा है.
* 553 खाद्य प्रतिष्ठानों पर छापे और निरीक्षण, 355 सुधार नोटिस जारी
खाद्य सुरक्षा कानूनों का पालन सुनिश्चित करने के लिए एफडीए ने होटल, ढाबे, मिठाई दुकानें, किराना प्रतिष्ठान, वेयरहाउस, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों और अन्य खाद्य व्यवसायों पर विशेष निरीक्षण अभियान चलाया. चार माह के दौरान कुल 553 खाद्य आस्थापनाओं की जांच की गई. जांच में बड़ी संख्या में स्वच्छता, भंडारण, लाइसेंसिंग, लेबलिंग और खाद्य सुरक्षा मानकों से संबंधित अनियमितताएं सामने आईं. इसके चलते 355 सुधार नोटिस जारी किए गए. जिसके तहत अकोला में 112 जांच व 90 सुधार नोटिस, अमरावती में 86 जांच व 81 सुधार नोटिस, बुलढाणा में 142 जांच व 52 सुधार नोटिस, वाशीम में 90 जांच व 70 सुधार नोटिस तथा यवतमाल में 123 जांच व 62 सुधार नोटिस के आंकडे दर्ज हुए. इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में प्रतिष्ठानों में सुधार की आवश्यकता पाई गई.
* 11 लाइसेंस निलंबित, दो प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द
एफडीए ने केवल नोटिस जारी करने तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी बल्कि गंभीर मामलों में लाइसेंस निलंबन और रद्द करने जैसे कठोर कदम भी उठाए. चार माह के दौरान 11 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तत्काल निलंबित किए गए. 2 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द किए गए. सबसे अधिक 6 निलंबन अमरावती जिले में हुए, जबकि दो लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई बुलढाणा जिले में की गई.
* 64 टन से अधिक अन्य खाद्य सामग्री भी जब्त
प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों के अलावा गुणवत्ता संदिग्ध, मानकविहीन या नियमानुसार दस्तावेज उपलब्ध न होने वाले खाद्य पदार्थों पर भी कार्रवाई की गई. इस दौरान कुल 23 प्रकरण दर्ज, 64,210 किलोग्राम से अधिक खाद्य सामग्री जब्त, 584.5 लीटर तरल पदार्थ जब्त किए गए. जिनका कुल मूल्य 1 करोड़ 4 लाख रुपये से अधिक आका गया.
* यवतमाल में सबसे बड़ी कार्रवाई
यवतमाल जिले में अकेले 59,804 किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसकी कीमत लगभग 91 लाख रुपये बताई गई है. यह पूरे संभाग की कुल जब्ती का बड़ा हिस्सा है.
* खाद्य नमूनों की जांच में सामने आई गंभीर स्थिति
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच के लिए विभिन्न प्रतिष्ठानों से नमूने लिए गए. रिपोर्ट के अनुसार, कुल नमूने 219 लिए गए. जिसमें से मानक अनुरूप 183 सैम्पल पाए गए. जबकि 12 सैम्पल सब स्टैंडर्ड वाले रहे. इसके अलावा लेबल उल्लंघन के 5 व असुरक्षित के 7 सैम्पल पाए गए. इसके साथ ही 116 सैम्पलों की जांच रिपोर्ट मिलना बाकी है.
* असुरक्षित नमूनों ने बढ़ाई चिंता
अमरावती, वाशीम और यवतमाल जिलों से असुरक्षित नमूने सामने आए हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि असुरक्षित खाद्य पदार्थ सीधे नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकते हैं, इसलिए ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई महत्वपूर्ण होती है.
* आरटीएस सेवाओं में भी सामने आईं खामियां
लाइसेंस और पंजीयन से संबंधित सेवाओं की समीक्षा में सामने आया कि निर्धारित समय सीमा में अधिकांश आवेदन निपटाए गए, लेकिन कुछ मामलों में देरी हुई. चार माह में बिक्री श्रेणी के 510 आवेदन प्राप्त हुए. जिसमें से तय समयसीमा में 480 आवेदनों को निपटाया गया. इसके अलावा आरटीएस उल्लंघन के 30 मामले सामने आए. सबसे अधिक उल्लंघन बुलढाणा जिले में पाए गए. आयुक्त मुंढे ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि नागरिक सेवाओं में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी.
* 269 शिकायतें प्राप्त, 203 का निपटारा
खाद्य सुरक्षा, औषध व्यवसाय, लाइसेंसिंग और उपभोक्ता शिकायतों से संबंधित कुल 269 शिकायतें विभिन्न माध्यमों से प्राप्त हुईं. इनमें शिकायत पोर्टल, आपले सरकार/पीजी पोर्टल, मुख्यालय, विभागीय कार्यालय, जिला स्तर की शिकायतें शामिल थीं. अधिकांश शिकायतों का निस्तारण किया गया, जबकि कुछ मामले जांचाधीन हैं. अकोला जिले में शिकायतों की संख्या सबसे अधिक रही, जबकि अमरावती ने शिकायतों के निस्तारण में बेहतर प्रदर्शन किया.
* 11 हजार से अधिक मेडिकल स्टोरों पर नजर
बैठक में औषध प्रशासन की कार्रवाई की भी समीक्षा की गई. संभाग में 11,332 खुदरा औषध दुकानें व 1,875 थोक औषध प्रतिष्ठान संचालित हैं. इनमें से चार माह में 94 खुदरा प्रतिष्ठानों व 11 थोक प्रतिष्ठानों की जांच की गई. निरीक्षण के बाद कुल 57 मामलों में कार्रवाई की गई. अधिकारियों ने बताया कि बिना लाइसेंस दवा बिक्री, रिकॉर्ड में अनियमितता तथा औषध नियमों के उल्लंघन पर विशेष नजर रखी जा रही है.
* जिलानिहाय प्रदर्शन: कौन आगे, कौन पीछे
– अमरावती
सबसे अधिक प्रकरण, सबसे अधिक एफआईआर, सबसे अधिक वाहन जब्ती और एक मकोका प्रस्ताव. खाद्य सुरक्षा के मोर्चे पर सबसे सक्रिय जिला.
– अकोला
सबसे अधिक मात्रा में प्रतिबंधित माल जब्त. अवैध गुटखा कारोबार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई.
– बुलढाणा
निरीक्षणों की संख्या सबसे अधिक. दो लाइसेंस रद्द होने से गंभीर अनियमितताओं का संकेत.
– वाशीम
कम प्रकरणों के बावजूद एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का प्रतिबंधित माल जब्त.
– यवतमाल
अन्य खाद्य सामग्री की सबसे बड़ी जब्ती. मकोका प्रस्ताव भेजे जाने से बड़े नेटवर्क पर कार्रवाई का संकेत.
* नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
– बैठक में एफडीए आयुक्त मुंढे का अधिकारियों को स्पष्ट संदेश
समीक्षा बैठक में एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रतिबंधित गुटखा, मिलावटी खाद्य पदार्थ, नकली खाद्य सामग्री और खाद्य सुरक्षा कानूनों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाए. उन्होंने कहा कि नागरिकों के स्वास्थ्य से समझौता करने वालों के लिए किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी. खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में नियमित जांच, नमूना संकलन, त्वरित कार्रवाई तथा शिकायतों के शीघ्र निपटारे को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए.
* प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों पर सबसे बड़ी कार्रवाई
चार माह के दौरान संभाग में कुल 84 मामले दर्ज हुए, 81 एफआईआर दर्ज की गईं, 22 वाहन जब्त किए गए तथा 2 मामलों में मकोका प्रस्ताव भेजे गए.
जिला मामले जब्त मात्रा (किग्रा.) कीमत (रु.) एफआईआर वाहन मकोका
अकोला 14 25,297.33 1.60 करोड़ 14 4 0
अमरावती 26 21,322.50 1.09 करोड़ 26 7 1
बुलढाणा 19 9,343.77 93.43 लाख 19 7 0
वाशीम 11 10,751.32 1.07 करोड़ 8 1 0
यवतमाल 14 1,813.93 28.79 लाख 14 3 1
* खाद्य प्रतिष्ठानों पर 553 निरीक्षण, 355 सुधार नोटिस
– एफडीए ने संभाग में कुल 553 खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की.
जिला जांच तत्काल निलंबन सुधार नोटिस लाइसेंस रद्द
अकोला 112 1 90 0
अमरावती 86 6 81 0
बुलढाणा 142 0 52 2
वाशीम 90 2 70 0
यवतमाल 123 2 62 0
* 64 टन से अधिक अन्य खाद्य सामग्री भी जब्त
प्रतिबंधित पदार्थों के अलावा एफडीए ने अन्य खाद्य पदार्थों पर भी कार्रवाई की.
जिला मामले जब्त मात्रा कीमत
अकोला 7 2,398.4 किग्रा + 195 लीटर 3.36 लाख
अमरावती 9 3,137.55 किग्रा + 103.5 लीटर 7.07 लाख
बुलढाणा 7 462.4 किग्रा 65 हजार
वाशीम 4 356.2 किग्रा + 228 लीटर 2.02 लाख
यवतमाल 6 59,804.1 किग्रा + 58 लीटर 90.93 लाख
* जिला स्तर पर स्थिति
बुलढाणा में सर्वाधिक 132 नमूनों की रिपोर्ट प्राप्त हुई.
अमरावती में 3 नमूने असुरक्षित पाए गए.
वाशीम में 2 तथा यवतमाल में 1 असुरक्षित नमूना मिला.
आरटीएस सेवा में 30 उल्लंघन
लाइसेंस एवं पंजीयन से जुड़ी सेवाओं में कुल 510 आवेदन प्राप्त हुए.

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