कोरोना की लैब अब संवारेगी करियर

अमरावती विश्वविद्यालय में शुरू होगा नया सीएमडीआर कोर्स

* आधुनिक लैब तकनीक से मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण
अमरावती /दि.9– संत गाडगेबाबा अमरावती विश्वविद्यालय में कोरोना काल के दौरान स्थापित अत्याधुनिक आरटीपीसीआर लैब का उपयोग अब विद्यार्थियों के प्रशिक्षण के लिए किया जाएगा.
विश्वविद्यालय ने संक्रामक रोगों के आणविक निदान में स्नाकोत्तर डिप्लोमा(सीएमडीआर) पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक जांच तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान मिलेंगा.
* नई बिमारियों के निदान पर रहेगा फोकस
बढती संक्रामक बीमारियों और वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों को देखते हुए शुरू किए जा रहे इस पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में उद्योग मानकों के अत्याधुनिक उपकरणों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा. लैब मं कोविड-19, डेंगू मलेरिया, इन्फ्लूएंजा व एंटीमॉइक्रोबियल रेजिस्टेंस जैसी बीमारियों की जांच संबंधी तकनीकों का अभ्यास कराया जाएगा.
* विशेषज्ञ के रूप में बेहतर रोजगार
यह पाठ्यक्रम आधुनिक डायग्नोस्टिक क्षेत्र के करियर बनाने के इच्छूक विद्यार्थियों के लिए बेहद उपयोग साबित होगा. इससे प्रशिक्षित विद्यार्थी चिकित्सा प्रयोगशालाओं और स्वास्थ्य क्षेत्र में रोगों के सटीक निदान के विशेषज्ञ के रूप में बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकेंगे
डॉ. नीरज घनवटे, उपनिदेशक अमरावती विवि

Back to top button