विधायक संजय खोडके ने उठाया महिला किसान सशक्तीकरण का मुद्दा
विधेयक के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई क्रांति आने का जताया आशावाद

मुंबई /दि. 9- महाराष्ट्र विधान परिषद में महाराष्ट्र महिला किसान सशक्तिकरण विधेयक-2026 पर चर्चा करते हुए विधायक संजय खोडके ने इसे ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आर्थिक क्रांति लाने वाला ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम बताया. उन्होंने कहा कि खेती भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन वर्षों से खेतों में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने वाली महिलाओं को किसान के रूप में कानूनी पहचान नहीं मिली थी. यह विधेयक उस ऐतिहासिक अन्याय को दूर करने का कार्य करेगा.
विधायक संजय खोडके ने कहा कि महिलाएं बुआई से लेकर कटाई तक, सिंचाई, बीज संरक्षण, कृषि प्रसंस्करण, पशुपालन, दुग्ध व्यवसाय, मत्स्य पालन और कुक्कुट पालन जैसे कृषि पूरक व्यवसायों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. खेत से लेकर बाजार तक कृषि उत्पाद पहुंचाने में भी महिला श्रमिकों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है. इसके बावजूद उन्हें किसान का दर्जा नहीं मिला था. उन्होंने कहा कि अनेक महिला किसान आज भी प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देते हुए पारंपरिक बीजों का संरक्षण कर रही हैं तथा टिकाऊ कृषि व्यवस्था को मजबूत बना रही हैं. स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों और विभिन्न किसान संगठनों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को इस विधेयक के माध्यम से वास्तविक स्वरूप मिला है.
विधान परिषद में चर्चा के दौरान विधायक संजय खोडके ने सरकार का ध्यान इस ओर भी आकर्षित किया कि महिला किसानों को भविष्य में उन्हीं चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा जिनसे पुरुष किसान जूझते हैं. इसलिए विधेयक के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है. उन्होंने सुझाव दिया कि महिला किसान प्रमाणपत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया ग्राम पंचायत स्तर पर सरल बनाई जाए और अनावश्यक दस्तावेजों की बाध्यता समाप्त की जाए. साथ ही महिलाओं को सीधे बैंक ऋण, सरकारी अनुदान और कृषि योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाए. इसके लिए प्रत्येक जिले में महिला कृषि सलाह केंद्र स्थापित कर प्रशिक्षण और मार्गदर्शन की व्यवस्था करने की भी मांग उन्होंने की.
विधायक संजय खोडके ने विश्वास व्यक्त किया कि महाराष्ट्र महिला किसान सशक्तिकरण विधेयक-2026 राज्य में महिला सशक्तिकरण के नए युग की शुरुआत करेगा तथा कृषि क्षेत्र में महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में सम्मानजनक स्थान दिलाने का मार्ग प्रशस्त करेगा. विधेयक के पारित होने पर उन्होंने मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजीत पवार तथा कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे के प्रति आभार ज्ञापित करते हुए राज्य सरकार का अभिनंदन किया.