किसान उमेश यावलकर ने घर में फांसी लगाकर की आत्महत्या
आत्महत्या के कारणों का नहीं हुआ खुलासा, वरुड में शोक की लहर

वरुड /दि.9- शहर के प्रतिष्ठित नागरिक एवं प्रगतिशील किसान उमेश यावलकर (55) ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. इस घटना से वरुड शहर में शोक की लहर है. हालांकि उन्होंने आत्महत्या क्यों की, उसके कारणों का खुलासा अभी तक नहीं हो सका.
प्राप्त जानकारी के अनुसार उमेश यावलकर पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव में थे, इस बात की भी शहर में चर्चा है कि, उन्होंने पिछले दो-तीन दिनों के दौरान अपना जीवन समाप्त करने का प्रयास किया था. प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, सोमवार 6 जुलाई की रात को घर में कोई भी नहीं होने के दौरान उन्होंने यह कदम उठाया है. मंगलवार 7 जुलाई की सुबह से उमेश यावलकर घर के बाहर या आसपास कहीं दिखाई नहीं दिए. दोपहर तक उनकी कोई गतिविधि नजर नहीं आने पर पडोसियों को संदेह हुआ. जब उन्होंने घर के अंदर जाकर देखा, तो यावलकर बेडरुम की छत के पंखे से चादर के सहारे फांसी के फंदे पर लटकते हुए नजर आए.
यावलकर को फांसी फंदे पर लटकता देख पडोसियों ने तत्काल पुलिस को जानकारी दी. मंगलवार 7 जुलाई को दोपहर करीब 2 बजे पुलिस को जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया. घटना के समय घर में परिवार का कोई भी सदस्य मौजूद नहीं था. वरुड पुलिस ने घटनास्थल का पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए वरुड ग्रामीण अस्पताल भिजवाया. फिलहाल पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर लिया है और उमेश यावलकर ने किन परिस्थितियों या कारणों से आत्महत्या की, इसकी गहन जांच की जा रही है.





