श्री शिवाजी महाविद्यालय में विद्यार्थी दीक्षारंभ कार्यक्रम का शुभारंभ

पांच दिन चलेगा कार्यक्रम, विशेषज्ञों से विद्यार्थियों को मिलेगा मार्गदर्शन

अमरावती /दि.9– स्थानीय श्री शिवाजी कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित पांच दिवसीय विद्यार्थी दीक्षारंभ कार्यक्रम का उत्साहपूर्ण शुभारंभ हुआ. 7 से 11 जुलाई तक चलने वाले इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से शैक्षणिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं व्यक्तित्व विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिया जा रहा है.
कार्यक्रम की शुरुआत प्रतिदिन प्रा. विश्वास जाधव के योग सत्र से हो रही है. उद्घाटन अवसर पर प्रभारी प्राचार्य डॉ. महेंद्र मेटे ने विद्यार्थियों को महाविद्यालयीन जीवन में उपलब्ध अवसरों, अनुशासन, नैतिक मूल्यों एवं जिम्मेदारियों के बारे में प्रेरक मार्गदर्शन देते हुए महाविद्यालय और पुस्तकालय की विस्तृत जानकारी दी. डॉ. प्रशांत हरमकर ने महाविद्यालय का परिचय कराया, जबकि डॉ. कुलदीपसिंह मोहाडीकर ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति की जानकारी दी. डॉ. कविता वाटाणे ने खेल एवं शारीरिक विकास के महत्व पर प्रकाश डाला. संगीत विभाग के प्रमुख डॉ. गजानन केतकर एवं प्रा. मीना सहारे ने प्रेरणादायी गीत प्रस्तुत किया. कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनोज जोशी तथा आभार प्रदर्शन डॉ. गजानन भारती ने किया.
दूसरे दिन डॉ. वैशाली टाकोडे ने आचार संहिता, लैंगिक संवेदनशीलता, यौन उत्पीड़न निरोधक प्रावधान तथा विद्यार्थियों के अधिकार एवं कर्तव्यों पर मार्गदर्शन दिया. इसके बाद डॉ. किशोर साबळे, डॉ. संजय कटाईत एवं डॉ. कुमार बोबडे ने विभिन्न शैक्षणिक पाठ्यक्रमों की जानकारी दी. वहीं किशोर राजगडे, अमोल देशमुख एवं धनंजय देशमुख ने प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा प्रणाली और कार्यालयीन कार्यप्रणाली से विद्यार्थियों को अवगत कराया. 9 जुलाई को आयोजित विशेष सत्रों में डॉ. संगीता भुयार संविधानिक मूल्य एवं राष्ट्रीय एकता, डॉ. कुलदीपसिंह मोहाडीकर एंटी-रैगिंग, डॉ. कुमार बोबडे कौशल विकास एवं प्लेसमेंट तथा डॉ. अपर्णा सरोदे और डॉ. राजेश मिरगे प्रतियोगी परीक्षाओं एवं करियर मार्गदर्शन विषय पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे. 10 जुलाई को सांस्कृतिक गतिविधियों, एनसीसी तथा राष्ट्रीय सेवा योजना से संबंधित जानकारी दी जाएगी, जबकि 11 जुलाई को विद्यार्थियों के लिए महाविद्यालयीन पुस्तकालय एवं डॉ. पंजाबराव देशमुख स्मारक केंद्र का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया जाएगा. इसके साथ ही कार्यक्रम का समापन होगा. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को महाविद्यालयीन वातावरण से परिचित कराना, संस्थान की संस्कृति एवं मूल्यों से जोड़ना, उनमें आत्मविश्वास का विकास करना तथा उनके सर्वांगीण व्यक्तित्व निर्माण के लिए आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है. कार्यक्रम का आयोजन प्रभारी प्राचार्य डॉ. महेंद्र मेटे के मार्गदर्शन में संयोजक डॉ. राजेश मिरगे एवं महाविद्यालय के प्राध्यापकों, शिक्षकेत्तर कर्मचारियों और कार्यालयीन स्टाफ के सहयोग से किया जा रहा है.

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