मेलघाट की 383 आंगनवाड़ियों का अंधेरा होगा दूर

मिशन मोड में शुरू की जायेगी विद्युत आपूर्ति

जिला परिषद सीईओ सत्यम गांधी की पहल
25 लाख रुपये मंजूर, एक माह में बिजली कनेक्शन देने का लक्ष्य
अमरावती /दि. 1– मेलघाट के दुर्गम और आदिवासी क्षेत्रों में वर्षों से बिजली सुविधा से वंचित 383 आंगनवाड़ी केंद्रों में अब जल्द ही रोशनी पहुंचेगी. जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सत्यम गांधी की पहल पर वन एवं सेस निधि से 25 लाख रुपये उपलब्ध कराए गए हैं. इस निधि के माध्यम से मिशन मोड में आंगनवाड़ियों को विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
जानकारी के अनुसार मेलघाट क्षेत्र में कुल 462 आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनमें से बड़ी संख्या ऐसे गांवों में है जो अत्यंत दुर्गम और वन क्षेत्र में स्थित हैं. बिजली सुविधा नहीं होने के कारण इन केंद्रों में बच्चों के लिए आधुनिक शिक्षण और अन्य सुविधाओं के विस्तार में कठिनाइयां आ रही थीं.
* स्मार्ट शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
जिला परिषद की एकात्मिक बाल विकास योजना तथा महिला एवं बाल कल्याण विभाग के माध्यम से संचालित आंगनवाड़ियों में छह वर्ष तक के बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाती हैं. अब इन केंद्रों में डिजिटल और स्मार्ट शिक्षा की दिशा में भी कदम बढ़ाए जा रहे हैं. बिजली उपलब्ध होने के बाद ई-लर्निंग सामग्री, एलईडी टीवी आधारित शिक्षण, इलेक्ट्रॉनिक वजनकांटे तथा अन्य आधुनिक उपकरणों का उपयोग संभव हो सकेगा. इसके साथ ही नल कनेक्शन, बालमैत्री वातावरण, बोलती दीवारें, टेबल-कुर्सियां और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित करने में भी मदद मिलेगी.
* महावितरण को भेजे गए प्रस्ताव
महिला एवं बाल कल्याण विभाग के उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी विलास मरसाले ने बताया कि मेलघाट की 383 आंगनवाड़ियों को बिजली कनेक्शन देने के लिए महावितरण को प्रस्ताव भेजे गए हैं. संबंधित कार्यालयों से मांग पत्र (कोटेशन) प्राप्त हो चुके हैं और तकनीकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. अगले एक माह के भीतर सभी केंद्रों को नए बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है.
* गैर-आदिवासी क्षेत्रों के लिए भी निर्देश
सीईओ सत्यम गांधी ने जिले के गैर-आदिवासी क्षेत्रों की उन आंगनवाड़ियों में भी बिजली सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, जहां अब तक विद्युत कनेक्शन नहीं पहुंचा है. इसके लिए संबंधित ग्राम पंचायतों को स्वयं पहल कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है. जिप सीईओ सत्यम गांधी ने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षण वातावरण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला परिषद की प्राथमिकता है. मेळघाट सहित पूरे जिले की आंगनवाड़ियों को चरणबद्ध तरीके से मूलभूत सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा. बिजली सुविधा मिलने के बाद मेलघाट की आंगनवाड़ियों में शिक्षा, पोषण और बाल विकास से जुड़े कार्यक्रमों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.

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