हीमोफीलिया मरीजों के डे केयर इलाज का खर्च अब ‘जन आरोग्य’ योजना से होगा कवर

अमरावती जिले में करीब 350 मरीज; क्लॉटिंग फैक्टर के महंगे इलाज से मिलेगी राहत

अमरावती /दि.2- हीमोफीलिया से जूझ रहे मरीजों के लिए राहत की खबर है. अब उनके डे केयर उपचार को महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना के दायरे में लाने पर जोर दिया गया है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने हीमोफीलिया के मरीजों को योजना में पंजीकृत करने के निर्देश दिए हैं, ताकि उन्हें महंगे इलाज और क्लॉटिंग फैक्टर की लागत से राहत मिल सके.

* क्या है हीमोफीलिया?
हीमोफीलिया मुख्य रूप से वंशानुगत ब्लीडिंग डिसऑर्डर है. इसमें शरीर में कुछ जरूरी क्लॉटिंग फैक्टर्स की मात्रा कम होने के कारण खून का बहना आसानी से बंद नहीं होता. छोटी चोट, दांत निकलवाने, ऑपरेशन या दुर्घटना के बाद भी मरीज को लंबे समय तक रक्तस्राव हो सकता है.

* इंजेक्शन से दिया जाता है क्लॉटिंग फैक्टर
हीमोफीलिया के उपचार में शरीर में कमी वाले क्लॉटिंग फैक्टर्स को इंजेक्शन के माध्यम से दिया जाता है. इन फैक्टर्स की कीमत काफी अधिक होने के कारण लंबे समय तक उपचार लेने वाले मरीजों और उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ जाता है.

* हर जिले में डे केयर सेंटर
मरीजों को आवश्यक उपचार और क्लॉटिंग फैक्टर उपलब्ध कराने के लिए राज्य में जिला स्तर पर हीमोफीलिया डे केयर सेंटर संचालित किए जा रहे हैं. अमरावती जिले में भी जिला सामान्य अस्पताल में ऐसा डे केयर सेंटर कार्यरत है.

* योजना में पंजीयन के बाद मिलेगा लाभ
हीमोफीलिया मरीजों को महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना में पंजीकृत करने का निर्देश दिया गया है. पात्र मरीजों का योजना में एनरोलमेंट होने के बाद उपचार से संबंधित क्लेम प्रक्रिया के माध्यम से आवश्यक क्लॉटिंग फैक्टर्स की खरीद और उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी.

* मरीजों को क्या होगा फायदा?
– महंगे उपचार का आर्थिक बोझ कम होगा.
– क्लॉटिंग फैक्टर आसानी से उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.
– डे केयर सेंटर में उपचार की सुविधा बेहतर होगी.
– समय पर क्लॉटिंग फैक्टर मिलने से रक्तस्राव नियंत्रित करने में मदद मिलेगी.

* जिले में करीब 350 मरीज
अमरावती जिले में हीमोफीलिया के करीब 350 मरीज होने की जानकारी है. पात्र मरीज जिला सामान्य अस्पताल स्थित डे केयर सेंटर से योजना संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. वहां मरीज की मेडिकल जानकारी और आवश्यक दस्तावेजों की जांच के बाद महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना में पंजीयन की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है.

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